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OpenAI की बड़ी पहल: IIT, IIM, AIIMS समेत शीर्ष भारतीय संस्थानों में AI को मुख्यधारा में लाने की तैयारी

OpenAI की बड़ी पहल: IIT, IIM, AIIMS समेत शीर्ष भारतीय संस्थानों में AI को मुख्यधारा में लाने की तैयारी

OpenAI की बड़ी पहल: IIT, IIM, AIIMS समेत शीर्ष भारतीय संस्थानों में AI को मुख्यधारा में लाने की तैयारी

भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच OpenAI ने देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य प्रबंधन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, रचनात्मक और बहुविषयक शिक्षा में एआई को पाठ्यक्रम और अकादमिक प्रक्रियाओं का हिस्सा बनाना है।

इस सहयोग का लक्ष्य टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एआई-तैयार प्रतिभा विकसित करना है, ताकि छात्र सिर्फ सिद्धांत तक सीमित न रहें, बल्कि एआई के व्यावहारिक उपयोग को भी समझ सकें।

पहले चरण में शामिल प्रमुख संस्थान

पहले बैच में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें Indian Institute of Technology Delhi, Indian Institute of Management Ahmedabad, All India Institute of Medical Sciences New Delhi, Manipal Academy of Higher Education, University of Petroleum and Energy Studies और Pearl Academy शामिल हैं।

इन संस्थानों का चयन अलग-अलग विषय क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि एआई का उपयोग बहु-आयामी रूप से हो सके।

एक वर्ष में 1 लाख से अधिक छात्रों को लाभ

इस पहल के तहत अगले एक वर्ष में 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थागत स्टाफ को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सिर्फ एआई टूल्स की पहुंच देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदार उपयोग और अकादमिक ईमानदारी के स्पष्ट ढांचे के साथ कैंपस स्तर पर एकीकृत किया जाएगा।

साझेदारी के अंतर्गत एंटरप्राइज-ग्रेड ChatGPT Edu एक्सेस, संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम, विषय-विशेष मार्गदर्शन और जिम्मेदार उपयोग के दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे। एआई को पाठ्यक्रम में इस तरह जोड़ा जाएगा कि छात्र एडवांस प्रॉम्प्टिंग, डेटा एनालिटिक्स, कोडिंग, सिमुलेशन, केस स्टडी विश्लेषण और एआई-सहायित शोध जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव हासिल कर सकें।

किस संस्थान में क्या फोकस रहेगा

आईआईटी दिल्ली में इंजीनियरिंग नवाचार, सिस्टम डिजाइन और शोध परियोजनाओं में एआई के उपयोग पर जोर दिया जाएगा।

आईआईएम अहमदाबाद में रणनीति, वित्त, संचालन, मार्केटिंग और पब्लिक पॉलिसी के पाठ्यक्रमों में एआई दक्षता को शामिल किया जाएगा।

एम्स नई दिल्ली में मेडिकल शिक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग के दौरान एआई आधारित विश्लेषण और अध्ययन पर काम होगा। यहां ‘AI in Medical Education Hub’ स्थापित करने की संभावना भी जताई गई है।

मणिपाल एकेडमी में बहुविषयक शोध और व्यापक एआई साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा।

यूपीईएस में इंजीनियरिंग, बिजनेस, लॉ और हेल्थ साइंसेज में एआई आधारित अनुप्रयोगों पर जोर रहेगा।

पर्ल एकेडमी में डिजाइन, फैशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में जिम्मेदार एआई उपयोग को पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

एड-टेक प्लेटफॉर्म के साथ भी सहयोग

OpenAI ने कई प्रमुख एड-टेक प्लेटफॉर्म के साथ भी सहयोग की घोषणा की है। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों और शुरुआती पेशेवरों के लिए एआई और ChatGPT के व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित संरचित कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल एआई को केवल एक सहायक टूल के रूप में नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के अकादमिक ढांचे का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारत जैसे तेजी से डिजिटल होते देश में, जहां स्टार्टअप और टेक कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहां एआई में दक्ष मानव संसाधन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

यदि यह पहल तय समय पर लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय कैंपस से निकलने वाले छात्र वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से सक्षम हो सकते हैं।

Asmita Sarkar

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