
अगर आप इस साल ग्रेजुएशन पूरा करने वाले हैं और ऐसे करियर की तलाश में हैं, जिसमें अच्छी सैलरी के साथ जॉब सिक्योरिटी भी मिले, तो NACE की ताज़ा रिपोर्ट आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
AI के बढ़ते उपयोग ने वैश्विक जॉब मार्केट की दिशा बदल दी है। कंपनियां अब उन युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनके पास तकनीकी समझ, डेटा विश्लेषण और सिस्टम मैनेजमेंट जैसी स्किल्स मौजूद हैं। इसी बदलाव के चलते कुछ बैचलर डिग्रियों की मांग 2026 में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है।
2026 में जॉब मार्केट क्यों हुआ चुनौतीपूर्ण?
अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 2025 में सिर्फ 1,81,000 नई नौकरियां जुड़ सकीं, जबकि 2024 में यह संख्या 14.6 लाख थी। यह गिरावट संकेत देती है कि कंपनियों ने अपनी हायरिंग को काफी धीमा कर दिया है।
ऐसे ही Cengage Group की 2025 रिपोर्ट बताती है कि केवल 30% ग्रेजुएट्स को अपनी ही स्ट्रीम में नौकरी मिली, 75% से ज्यादा कंपनियों ने एंट्री लेवल जॉब्स में कटौती की या संख्या को स्थिर रखा। ऐसे माहौल में सही डिग्री चुनना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
2026 में किन बैचलर डिग्रियों की मांग सबसे ज्यादा?
NACE के विंटर 2026 सैलरी सर्वे में सूचीबद्ध इन 10 डिग्रियों के लिए इस साल सबसे ज्यादा डिमांड देखी गई:
फाइनेंस – 61.3%
मैकेनिकल इंजीनियरिंग – 61.3%
कंप्यूटर साइंस – 60%
अकाउंटिंग – 58.7%
बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन / मैनेजमेंट – 58.7%
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग – 51.3%
इंफॉर्मेशन साइंस एंड सिस्टम्स – 48%
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन – 44.7%
मार्केटिंग – 44%
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट – 40%
इन सभी डिग्रियों में एक समानता है—ये फील्ड्स सीधे-सीधे टेक्नोलॉजी, डेटा, सिस्टम मैनेजमेंट और ऑपरेशंस से जुड़े हैं।
हायरिंग भले धीमी, लेकिन शुरुआती सैलरी में बढ़ोतरी
रिपोर्ट बताती है कि कंपनियां अब जनरलिस्ट नहीं, बल्कि स्पेशलिस्ट उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं। डेटा इंटरप्रिटेशन, रिस्क एनालिसिस, ऑपरेशंस और टेक-सिस्टम की समझ रखने वाले ग्रेजुएट्स की वैल्यू तेजी से बढ़ी है।
कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट्स की औसत शुरुआती सैलरी 2026 में बढ़कर 81,535 डॉलर तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.9% की वृद्धि है। यानी, भले ही जॉब ओपनिंग कम हों, लेकिन स्किल्ड कैंडिडेट्स को कंपनियां आकर्षक पैकेज ऑफर कर रही हैं।
कंपनियां इन डिग्रियों को क्यों दे रही हैं प्राथमिकता?
AI और ऑटोमेशन ने कार्यस्थल पर कई बदलाव किए हैं। आज कंपनियों की जरूरतें सिर्फ कंटेंट, ईमेल या बेसिक ऑपरेशंस तक सीमित नहीं हैं, क्योंकि ये कार्य अब ऑटोमेशन से आसानी से हो सकते हैं। कंपनियों को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो सप्लाई चेन और ऑपरेशंस समझ सकें, टेक्निकल सिस्टम्स को मैनेज कर सकें, डेटा के आधार पर सही फैसले ले सकें, ऑटोमेशन-ड्रिवन वर्कफ़्लो को संभाल सकें, रिस्क और परफॉर्मेंस एनालिसिस कर सकें। इसलिए फाइनेंस, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे कोर्स 2026 के सबसे मजबूत करियर विकल्प बन चुके हैं।
2026 का जॉब मार्केट पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है। ऐसे समय में वही उम्मीदवार आगे निकलेंगे जिनके पास तकनीकी समझ और डेटा-ड्रिवन स्किल्स हों।
NACE रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि कुछ बैचलर डिग्रियां आने वाले वर्षों में युवाओं को बेहतर सैलरी और मजबूत करियर सुरक्षा दिला सकती हैं।
अगर आप ग्रेजुएशन की तैयारी में हैं या करियर का चुनाव करने जा रहे हैं, तो यह डेटा आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।




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