
CBSE ने इस वर्ष 12वीं कक्षा के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनस्क्रीन मोड में स्थानांतरित कर दिया है। पारंपरिक तरीके से कॉपियां जांचने के बजाय अब परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही उत्तरपृष्ठों का मूल्यांकन करेंगे। बोर्ड के अनुसार, यह कदम मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। उनसे कहा गया है कि वे शिक्षकों को समय रहते प्रशिक्षण दिलाएं और डिजिटल प्रक्रिया का अभ्यास कराएं, ताकि वास्तविक मूल्यांकन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट न आए।
OSM पोर्टल पर अभ्यास की अनिवार्य व्यवस्था
12वीं बोर्ड मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है। शिक्षकों को अपनी OASIS आईडी से लॉगिन कर अनिवार्य अभ्यास मॉड्यूल पूरा करना होगा। यह अभ्यास प्रणाली शिक्षकों को डिजिटल उत्तरपुस्तिका जांच के सभी चरणों से परिचित कराती है, ताकि वे मूल्यांकन के दौरान तेज़ और सटीक तरीके से काम कर सकें।
लॉगिन आईडी और पासवर्ड ईमेल के माध्यम से जारी
बोर्ड ने OSM पोर्टल का URL, लॉगिन आईडी और पासवर्ड संबंधित स्कूलों की OASIS पोर्टल पर दर्ज ईमेल आईडी पर भेज दिए हैं। अब विद्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी है कि वे कक्षा 11 और 12 के सभी शिक्षकों को समय सीमा से पहले पोर्टल पर लॉगिन कर अभ्यास पूरा करने के लिए प्रेरित करें।
सीबीएसई पूरे अभ्यास चरण की निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी मूल्यांकनकर्ता निर्धारित कार्य समय पर पूरा कर रहे हैं।
1 करोड़ से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की डिजिटल जांच
बोर्ड के अनुसार, इस वर्ष 12वीं कक्षा की एक करोड़ से अधिक कॉपियों यानी लगभग 32 करोड़ पृष्ठों का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि इस प्रणाली से उत्तरपुस्तिकाओं के परिवहन में लगने वाला समय व खर्च दोनों घटेंगे। शिक्षक अपने ही स्कूल की कंप्यूटर लैब या निर्धारित केंद्रों से मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
परीक्षा कार्यक्रम और नई व्यवस्था का प्रभाव
इस वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेगी, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद 12वीं की कॉपियों की जांच पूरी तरह ऑनस्क्रीन होगी।
फिलहाल 10वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले की तरह पारंपरिक पद्धति से ही किया जाएगा।
सीबीएसई का यह कदम भारत में डिजिटल परीक्षा मूल्यांकन की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल रिज़ल्ट की गति बढ़ेगी, बल्कि कॉपियों की जांच भी अधिक सटीक और त्रुटिरहित हो सकेगी।




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