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क्यों बड़ी संख्या में UP Board की परीक्षा से गैरहाजिर हो रहे हैं छात्र?

क्यों बड़ी संख्या में UP Board की परीक्षा से गैरहाजिर हो रहे हैं छात्र?

क्यों बड़ी संख्या में UP Board की परीक्षा से गैरहाजिर हो रहे हैं छात्र?

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में हर साल बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं। वर्ष 2025 में लगभग 54 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जबकि 2024 में यह संख्या करीब 53 लाख रही। इस वर्ष भी 52 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि, परीक्षा शुरू होते ही बड़ी संख्या में छात्रों की अनुपस्थिति ने चिंता बढ़ा दी है।

18 फरवरी से शुरू हुई परीक्षा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक निर्धारित है। प्रदेश भर में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

पहले दिन 3 लाख से अधिक छात्र अनुपस्थित

परीक्षा के पहले ही दिन बड़ी संख्या में छात्र केंद्रों पर नहीं पहुंचे। बोर्ड के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, कुल पंजीकृत 52 लाख से अधिक छात्रों में से लगभग 3 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।

हाईस्कूल वर्ग में करीब 1.7 लाख छात्र अनुपस्थित रहे, जबकि इंटरमीडिएट में लगभग 1.4 लाख छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे। दोनों कक्षाओं को मिलाकर पहले दिन अनुपस्थित छात्रों की संख्या 3 लाख से अधिक रही। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का परीक्षा से दूर रहना बोर्ड और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

दूसरे दिन भी जारी रही गैरहाजिरी

दूसरे दिन भी हजारों छात्रों की अनुपस्थिति दर्ज की गई। विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के मुताबिक कई परीक्षा केंद्रों पर सीटें खाली रहीं। हालांकि बोर्ड की ओर से विस्तृत जिला-वार आंकड़े जारी किए जाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में बड़ी संख्या में गैरहाजिरी की पुष्टि हुई है।

नकलमुक्त परीक्षा के लिए सख्त इंतजाम

इस बार बोर्ड ने परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कई संवेदनशील केंद्रों पर ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रवेश से पहले सख्त चेकिंग की जा रही है और केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी निगरानी, तैयारी अधूरी रहना, या परीक्षा से जुड़ा तनाव भी कुछ छात्रों के अनुपस्थित रहने की वजह हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में नकल के मामलों पर सख्ती बढ़ने के बाद अनुपस्थित छात्रों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है।

क्या कहते हैं शिक्षा विशेषज्ञ?

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा छात्रों के करियर का अहम चरण होता है। ऐसे में परीक्षा से दूर रहना उनके भविष्य को प्रभावित कर सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाएं और परीक्षा के दबाव से निपटने में मदद करें।

फिलहाल बोर्ड की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि कुल मिलाकर कितने छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं और कितनों ने बीच में परीक्षा छोड़ी।

Asmita Sarkar

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