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IIM Nagpur में AI की मदद से तैयार होंगे प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रणाली को मिलेगा नया रूप

IIM Nagpur में AI की मदद से तैयार होंगे प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रणाली को मिलेगा नया रूप

IIM Nagpur में AI की मदद से तैयार होंगे प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रणाली को मिलेगा नया रूप

उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब यह सिर्फ उद्योग और नौकरियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी अपनी जगह बना रहा है। इसी दिशा में Indian Institute of Management Nagpur ने परीक्षा प्रणाली में AI के उपयोग की पहल की है। संस्थान में अब प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में AI की मदद ली जाएगी।

क्या है पहल का उद्देश्य?

संस्थान का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, तेज और पारदर्शी बनाना है। AI की सहायता से प्रश्नों का स्तर, पैटर्न और विषयवस्तु को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा। इससे पेपर सेट करने में लगने वाला समय कम होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।

प्रबंधन का मानना है कि तकनीक के उपयोग से परीक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी और प्रश्नों की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

अंतिम निर्णय रहेगा शिक्षकों के पास

संस्थान ने साफ किया है कि AI केवल सहायक भूमिका निभाएगा। प्रश्नपत्र को अंतिम रूप देने का अधिकार शिक्षकों और परीक्षा नियंत्रक के पास ही रहेगा। इसी तरह उत्तर पुस्तिकाओं का अंतिम मूल्यांकन भी फैकल्टी द्वारा ही किया जाएगा। AI केवल प्रारंभिक विश्लेषण और ड्राफ्ट तैयार करने में मदद करेगा।

ऑनलाइन मोड में होंगी परीक्षाएं

AI आधारित प्रश्न तैयार होने के साथ परीक्षा को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की योजना है। उत्तरों की प्रारंभिक जांच भी तकनीक की मदद से की जाएगी। सिस्टम उत्तर में जरूरी बिंदुओं की पहचान कर एक शुरुआती स्कोर तैयार करेगा। हालांकि अंतिम अंक देने से पहले शिक्षकों द्वारा कॉपियों की समीक्षा की जाएगी।

छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

नए सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए छात्रों और शिक्षकों को AI टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान इस बात पर भी विचार कर रहा है कि छात्रों को प्रोजेक्ट और असाइनमेंट के लिए AI टूल्स तक पहुंच दी जाए।

हालांकि प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को केवल सहायक रूप में तकनीक का उपयोग करना होगा। बिना समझे कॉपी-पेस्ट करने की प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

IIM नागपुर की यह पहल दिखाती है कि देश के प्रबंधन संस्थान भी बदलते समय के साथ तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में अन्य संस्थान भी इसी तरह की व्यवस्था लागू कर सकते हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

Asmita Sarkar

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