Edinbox Hindi
AI के दौर में सिर्फ टेक स्किल नहीं, इंटेलेक्चुअल एबिलिटी बनेगी भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

AI के दौर में सिर्फ टेक स्किल नहीं, इंटेलेक्चुअल एबिलिटी बनेगी भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

AI के दौर में सिर्फ टेक स्किल नहीं, इंटेलेक्चुअल एबिलिटी बनेगी भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेज़ी से वैश्विक अर्थव्यवस्था और नौकरी बाजार को बदल रहा है। कई सेक्टरों में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है, जिसके कारण लोगों के मन में रोजगार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं। इसी बीच McKinsey की एक नई रिपोर्ट ने बताया है कि AI के दौर में सबसे अहम होगी इंसानों की बौद्धिक क्षमता—सिर्फ तकनीकी स्किल नहीं।

AI के युग में सबसे बड़ी मांग—मजबूत इंटेलेक्चुअल एबिलिटी

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अब ऐसे लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनकी मानसिक फुर्ती, सोचने-समझने की क्षमता और नए विचार विकसित करने की क्षमता बेहतर हो। बौद्धिक क्षमता का मतलब सिर्फ तेज दिमाग होना नहीं, बल्कि ऐसा दिमाग होना है जो सक्रिय रहे, स्थितियों को समझे और बदलाव के साथ खुद को ढाल सके।

रिपोर्ट कहती है कि AI अब ईमेल लिखने, डेटा एनालिसिस, बेसिक कोडिंग और कई रूटीन काम आसानी से करने लगा है। इससे कंपनियां रोज़मर्रा के कामों में कम मानव श्रम पर निर्भर होंगी लेकिन ऐसे काम जहां क्रिएटिविटी, जजमेंट, इंसानी समझ और रणनीतिक सोच की जरूरत है—वह मशीनें आसानी से नहीं कर सकतीं। यही वजह है कि आने वाले समय में वही लोग आगे रहेंगे, जिनकी मानवीय क्षमताएं (Human Skills) मजबूत हैं।

रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि जो देश और कंपनियां इन क्षमताओं में निवेश नहीं करतीं, वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगी।

इमोशनल इंटेलिजेंस की अहमियत पहले भी कही जा चुकी है

टेक्निकल स्किल से ज्यादा मानव कौशल पर जोर कोई नई बात नहीं है। पिछले साल Microsoft के सीईओ सत्या नडेला ने भी कहा था कि AI के दौर में सिर्फ दिमाग से काम नहीं चलेगा। उनके अनुसार “दिमाग काम पूरे करने में मदद करता है लेकिन एम्पैथी और इमोशनल इंटेलिजेंस ही इंसानों को मशीनों से अलग बनाते हैं।” नडेला का मानना है कि अगर इंसान के पास भावनात्मक क्षमता नहीं है, तो उसकी बुद्धि भी अधूरी है।

इसी तरह Sam Altman, जो आज AI की दिशा तय करने वाले प्रमुख नामों में से एक हैं, कह चुके हैं कि AI कई नौकरियों में इंसानों की जगह ले सकता है। लेकिन उनका जोर इसी बात पर रहा है कि लोग यदि खुद को समय के साथ अनुकूलित करते रहें, तो वे नई संभावनाओं का हिस्सा बने रहेंगे।

आने वाले समय में नौकरी किसकी सुरक्षित होगी?

विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य उसी का होगा— जो तेजी से सीख सके, नई परिस्थितियों को समझ सके, अपनी सोच को विकसित कर सके और मशीनों से अलग मानवीय क्षमताओं का इस्तेमाल कर सके। 

AI रूटीन कामों को संभालेगा, लेकिन नेतृत्व, क्रिएटिविटी, मानव संवेदनशीलता और रणनीतिक समझ—ये गुण अब पहले से ज्यादा कीमती हो चुके हैं।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed