
जामिया मिलिया इस्लामिया ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई को उद्योग की नई जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 से बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग (निर्माण प्रौद्योगिकी) कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए आधिकारिक एडमिशन पोर्टल admission.jmi.ac.in पर अलग से आवेदन करना होगा।
यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो निर्माण क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों को न सिर्फ समझना चाहते हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक काम में लागू करना भी सीखना चाहते हैं। नया कोर्स पारंपरिक सैद्धांतिक पढ़ाई से आगे बढ़कर छात्रों को प्रैक्टिकल, तकनीकी और उद्योग का सीधा अनुभव देने पर जोर देता है।
क्या खास है यह नया बी.टेक प्रोग्राम?
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी पढ़ाई केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। कोर्स का पाठ्यक्रम देश और विदेश में उपयोग हो रहे आधुनिक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। छात्रों को अत्याधुनिक लैब में काम करने, नई मशीनों और निर्माण तकनीकों की ट्रेनिंग लेने और बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा छात्रों को BIM, GIS और एआई जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे भविष्य की निर्माण इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकें। कोर्स में कम्युनिकेशन, टीम वर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और लीडरशिप जैसे कौशलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अनुभवी फैकल्टी, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन की तैयारी और प्लेसमेंट सहायता इस कार्यक्रम को एक मजबूत करियर विकल्प बनाती है।
करियर के अवसर
नया कार्यक्रम छात्रों के लिए निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कई करियर विकल्प खोलता है। इस कोर्स के बाद छात्र बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स को संभालने वाले प्रोजेक्ट इंजीनियर बन सकते हैं। निर्माण की लागत और सामग्री की गणना के लिए क्वांटिटी सर्वेयर के रूप में काम कर सकते हैं। साइट पर काम की निगरानी और गुणवत्ता जांच में रुचि होने पर साइट मैनेजर या क्वालिटी मैनेजर बनना बेहतर विकल्प होगा।
डिजिटल डिजाइन और मॉडलिंग में रुचि रखने वाले छात्र BIM/CAD विशेषज्ञ की भूमिका निभा सकते हैं, जबकि पर्यावरणीय मानकों और टिकाऊ विकास में रुचि रखने वालों के लिए पर्यावरण अभियंता का क्षेत्र मजबूत अवसर देता है।
जो विद्यार्थी अपना काम शुरू करना चाहते हैं, वे आगे चलकर निर्माण सलाहकार या उद्यमी के रूप में भी करियर बना सकते हैं।




Add comment