
केंद्र सरकार के बजट के बाद आयोजित Post-Budget Webinar 2026 में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस वेबिनार में प्रधानमंत्री Narendra Modi भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास और यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसे नए मॉडल्स पर विस्तार से बात की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में देश की सोच में बड़ा बदलाव आया है। आज भारत का युवा कुछ नया करने और अलग सोचने के लिए तैयार है। उनके अनुसार नई पीढ़ी का यह बदलता नजरिया ही देश की सबसे बड़ी ताकत और उज्जवल भविष्य की पूंजी है। उन्होंने कहा कि इस क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए शिक्षा प्रणाली को समय-समय पर अपडेट करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि National Education Policy 2020 ने इस दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है, जिससे शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और भविष्य के अनुरूप बनाया जा सके।
बाजार और वास्तविक अर्थव्यवस्था से जुड़ती शिक्षा
पीएम मोदी ने कहा कि अब यह बेहद जरूरी हो गया है कि देश के पाठ्यक्रम बदलते समय और बाजार की जरूरतों के अनुसार अपडेट किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा प्रणाली को वास्तविक दुनिया की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करना होगा।
प्रधानमंत्री के अनुसार, जब शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल बनेगा, तभी छात्रों को रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर मिल पाएंगे।
नई तकनीकों और उभरते क्षेत्रों पर बढ़ रहा फोकस
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल इकोनॉमी और डिजाइन आधारित मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि देश में यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसे नए मॉडल इसी सोच का हिस्सा हैं, जहां शिक्षा, रिसर्च और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत तेजी से नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इसी दिशा में देश AVGC Sector यानी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे रचनात्मक क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे रहा है, जिनमें युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बन रहे हैं।
संस्थानों से रिसर्च और इंडस्ट्री सहयोग बढ़ाने की अपील
वेबिनार में मौजूद शिक्षाविदों और शैक्षणिक संस्थानों से प्रधानमंत्री ने अपील की कि वे अपने कैंपस को इंडस्ट्री सहयोग और शोध आधारित शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से विचार करें।
उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक दुनिया का अनुभव मिलेगा और देश का कौशल तंत्र भी मजबूत होगा।
STEM में बढ़ती बेटियों की भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM विषयों में रुचि रखने वाली बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि भविष्य की तकनीकों के दौर में यह बेहद महत्वपूर्ण है कि किसी भी बेटी को अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जहां युवा शोधार्थियों को प्रयोग करने और नए विचारों पर काम करने की पूरी स्वतंत्रता मिले।
गांव और कस्बों की प्रतिभा को भी मिले मंच
प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से यह भी आग्रह किया कि वे युवाओं के बीच अनुसंधान और प्रयोग की संस्कृति को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि देश की असली प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों में भी मौजूद है।
उनके अनुसार जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को पहचाना जाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही अवसर दिए जाएं, ताकि देश का विकास हर क्षेत्र तक पहुंच सके।




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