
Central Board of Secondary Education (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक अब छात्रों को अतिरिक्त (एडिशनल) विषय के अंकों के आधार पर पास घोषित नहीं किया जाएगा। यह बदलाव खासतौर पर उन मामलों में लागू होगा, जहां छात्र परीक्षा के दौरान नकल या अन्य अनुचित साधनों के कारण कार्रवाई का सामना करते हैं।
बोर्ड का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि छात्रों के वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर ही उनका परिणाम तय किया जा सके।
पहले क्या था नियम
अब तक CBSE के नियमों में यह व्यवस्था थी कि यदि कोई छात्र अपने किसी मुख्य विषय में पास होने के लिए जरूरी अंक हासिल नहीं कर पाता था, लेकिन उसने अतिरिक्त विषय में बेहतर अंक प्राप्त किए होते थे, तो उस अतिरिक्त विषय के आधार पर उसे पास घोषित किया जा सकता था।
कई मामलों में छात्रों को इस नियम का लाभ मिला और उनका परिणाम सुधर गया। हालांकि बोर्ड का मानना है कि इससे मूल्यांकन प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठते थे।
नया नियम क्या कहता है
CBSE के नए निर्देश के अनुसार अब छात्रों को पास होने के लिए अपने मुख्य विषयों में ही निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होगा।
यदि किसी छात्र का परिणाम किसी विषय में अनुचित साधनों (Unfair Means) के कारण रोका जाता है या परीक्षा से निष्कासन जैसी कार्रवाई होती है, तो वह छात्र अतिरिक्त विषय के अंकों के आधार पर पास नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में छात्र को संबंधित विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होगी।
बोर्ड ने यह बदलाव क्यों किया
बोर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ऐसे उदाहरण सामने आए, जहां छात्र मुख्य विषयों में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद अतिरिक्त विषय के सहारे पास हो रहे थे। इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होने की आशंका थी।
इसी कारण CBSE ने नियमों को सख्त करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि अतिरिक्त विषय केवल सीखने और कौशल विकास के लिए होंगे, न कि मुख्य विषयों की कमी को पूरा करने के लिए।
छात्रों पर क्या पड़ेगा असर
इस बदलाव के बाद छात्रों को अपने मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान देना होगा। अतिरिक्त विषय अब भी पढ़ाए जाएंगे, लेकिन उनका उपयोग केवल ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छात्रों को पढ़ाई के प्रति अधिक गंभीर बनाएगा और बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता को भी मजबूत करेगा।
CBSE का यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर लगातार सुधार किए जा रहे हैं। नए नियमों के साथ छात्रों के लिए संदेश साफ है—मुख्य विषयों में मजबूत प्रदर्शन ही सफलता की कुंजी होगा।




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