
अब NCERT की कितबों में हर साल बदलाव किया जाएगा। जरुरत के हिसाब से सिलेबसको हर साल अपडेट किया जाएगा जिससे स्वाभाविक रूप से किताबें भी बदल जाएंगी। शिक्षा मंत्रालय ने हर साल NCERT किताबों का रिव्यू करने और जरूरत के हिसाब से अपडेट करने को कहा है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को उनकी शिक्षण सामग्री में सबसे नवीनतम और सटीक जानकारी उपलब्ध हो। इससे पहले तक शिक्षा मंत्रालय की तरफ से ये तय नहीं किया गया था कि NCERT किताबों को कितने अंतराल के बाद अपडेट करना चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय इस बात की पैरोकारी करता है कि आज तेजी से बदलते वक्त में ये जरूरी है कि किताबें अपडेटेड रहें। इस वजह से NCERT को हर साल किताबों का रिव्यु करने और जरूरत के हिसाब से उनमें बदलाव करने को कहा गया है। हर साल एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले किताबों को अपडेट किया जाएगा। हालांकि एनसीईआरटी वर्ष 2017 से ही कंटेंट को अपडेट कर रहा है, लेकिन इस नए आदेश से इस प्रक्रिया को औपचारिक स्वरुप हासिल होगा। इसका मकसद लगातार नवीन जानकारियों, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सतत नयी जानकारियों से छात्रों को नियमित अपडेट करने की आवश्यकता पर बल देना है।
बताया गया है कि NCERT न्यू करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के हिसाब से हर क्लास के लिए नए सिरे से किताबें डिजाइन कर रहा है। एकेडमिक ईयर 2025-26 से नई NCERT किताबों से पढ़ाई होगी। नए सिलेबस के साथ NCF टेक्स्टबुक डिजाइनिंग फ्रेमवर्क है। 2023 में NCF के हिसाब से नए सिलेबस और नए पैटर्न में किताबें डिजाइन करने की घोषणा की गई थी।




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