
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education) ने कक्षा 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस साल करीब 9 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, जो अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। नतीजों के साथ ही बोर्ड ने टॉपर्स की सूची और पास प्रतिशत भी जारी किया है, जिसमें एक बार फिर छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा।
इस साल साइंस स्ट्रीम में दीपिका ने 99.80% अंक हासिल कर टॉप किया है, जबकि आर्ट्स में नव्या मीणा और नरपत ने 99.60% अंकों के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। कॉमर्स सहित तीनों ही संकायों में छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि पिछले साल के मुकाबले कुल परिणाम में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
अगर पास प्रतिशत की बात करें तो आर्ट्स स्ट्रीम सबसे आगे रही, जहां 97.54% छात्र सफल हुए। वहीं साइंस में 97.52% और कॉमर्स में 93.64% छात्रों ने परीक्षा पास की। यह आंकड़े बताते हैं कि तीनों स्ट्रीम में रिजल्ट मजबूत रहा, लेकिन 2025 की तुलना में कुछ गिरावट भी देखने को मिली है। पिछले साल साइंस का पास प्रतिशत 98.43% था, जो इस बार घटकर 97.52% रह गया। कॉमर्स में भी 99.07% से गिरकर 93.64% परिणाम दर्ज हुआ, जबकि आर्ट्स में मामूली गिरावट के साथ 97.78% से 97.54% रहा।
लड़कियों ने इस बार भी शानदार प्रदर्शन किया है। लगभग हर स्ट्रीम में उनका पास प्रतिशत छात्रों से अधिक रहा। साइंस में छात्राओं का पास प्रतिशत 98.34% रहा, जबकि छात्रों का 97.02%। आर्ट्स में छात्राओं ने 98.20% के साथ बढ़त बनाई, जबकि छात्रों का प्रतिशत 96.68% रहा। हालांकि कॉमर्स में लड़कों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा, जहां उनका पास प्रतिशत 94.04% रहा, जबकि छात्राओं का 92.82% दर्ज किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, आर्ट्स स्ट्रीम में सबसे ज्यादा छात्र शामिल हुए। इस वर्ष 5.91 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 5.83 लाख परीक्षा में बैठे। इनमें बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की। साइंस स्ट्रीम में करीब 2.87 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि कॉमर्स में 30 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए।
वरिष्ठ उपाध्याय (संस्कृत) वर्ग में भी इस बार अच्छा परिणाम देखने को मिला। कुल 97.20% छात्र पास हुए, जिसमें छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा।
कुल मिलाकर, राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट इस साल संतुलित रहा है। जहां एक ओर टॉपर्स ने बेहतरीन अंक हासिल किए, वहीं पास प्रतिशत में हल्की गिरावट ने यह संकेत दिया है कि प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते परीक्षा पैटर्न और बढ़ते अकादमिक दबाव के बीच छात्रों का यह प्रदर्शन सराहनीय है।




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