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Incentives for Universities to Participate in QS Rankings 2027: Ministry of Education Launches Key Initiative

QS रैंकिंग 2027 में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहन, शिक्षा मंत्रालय ने शुरू की महत्वपूर्ण पहल 

Incentives for Universities to Participate in QS Rankings 2027: Ministry of Education Launches Key Initiative

भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मंत्रालय देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को दुनिया की प्रतिष्ठित QS (Quacquarelli Symonds) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भाग लेने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है। उद्देश्य यह है कि भारतीय संस्थान वैश्विक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी गुणवत्ता को और बेहतर कर सकें।

शिक्षा मंत्रालय ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा है कि वे QS रैंकिंग 2027 के लिए मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान अगर किसी संस्थान को तकनीकी या प्रक्रिया से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो सरकार आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।

इस पहल की जानकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक पहुंचाई है। यूजीसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि QS रैंकिंग 2027 की प्रक्रिया के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, और सभी पात्र संस्थानों को 12 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से आवेदन जमा करना होगा।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ भारतीय संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाएगा, बल्कि देश के उच्च शिक्षा ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में भी मदद करेगा। भारत में वर्तमान समय में लगभग 1,200 विश्वविद्यालय और 45,000 से अधिक कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी उच्च शिक्षा प्रणालियों में से एक है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अधिक संस्थानों की भागीदारी देश की वैश्विक छवि को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

गौरतलब है कि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित रैंकिंग प्रणालियों में से एक है। पिछले वर्ष यानी 2026 में भारत के 54 संस्थानों ने इस रैंकिंग प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था। इनमें से तीन भारतीय संस्थानों ने दुनिया के शीर्ष 200 में जगह बनाई थी। जबकि 2025 में यह संख्या 46 थी, जिससे स्पष्ट है कि भारतीय विश्वविद्यालयों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

शिक्षा मंत्रालय को उम्मीद है कि 2027 में और अधिक संस्थान आवेदन करेंगे और भारत की उपस्थिति वैश्विक रैंकिंग में और मजबूत होगी।

 

 

 

 

Asmita Sarkar

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