
कॉलेज छात्रों के सामने रहने की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें हॉस्टल नहीं मिल पाता। इसी मुद्दे को ध्यान में रखते हुए Government of Chhattisgarh अब ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को Farming Career Optionsकिराये में सहायता देकर उनकी पढ़ाई को आसान बनाना है।
इस योजना के तहत राज्य के SC, ST और OBC वर्ग के ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों को हर महीने आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि वे अपने कॉलेज के पास रह सकें और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
शहर के हिसाब से मिलेगी अलग-अलग सहायता
योजना का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है और इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की योजना है। प्रस्ताव के मुताबिक, राजधानी में पढ़ाई कर रहे छात्रों को हर महीने 3000 रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं संभागीय मुख्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को 2500 रुपये और जिला या ब्लॉक स्तर के संस्थानों में पढ़ने वालों को 2000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
यह राशि साल में 10 महीनों के लिए तीन किस्तों में जारी की जाएगी, जिससे छात्रों को नियमित आर्थिक सहयोग मिल सके।
6 साल तक मिल सकेगा लाभ
इस योजना का फायदा ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को अधिकतम 4 साल तक और पोस्टग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को 2 साल तक मिलेगा। यानी एक छात्र कुल मिलाकर 6 साल तक इस योजना का लाभ उठा सकता है, जो उसकी पूरी उच्च शिक्षा अवधि को कवर करने की कोशिश करता है।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए 12वीं में प्रथम श्रेणी जरूरी होगी, जबकि पोस्टग्रेजुएशन के लिए ग्रेजुएशन में कम से कम 55% अंक होना अनिवार्य है।
किन छात्रों को नहीं मिलेगा फायदा
जो छात्र पहले से किसी सरकारी या निजी हॉस्टल में रह रहे हैं, या किसी संस्थान द्वारा संचालित हॉस्टल का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। इसका मकसद उन छात्रों तक मदद पहुंचाना है, जिन्हें वास्तव में रहने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
क्यों अहम है यह पहल
राज्य में सरकारी हॉस्टलों की सीटें सीमित हैं, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में छात्र बाहर रह जाते हैं। ऐसे में उन्हें महंगे किराये पर रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है।
इस नई योजना के जरिए सरकार कोशिश कर रही है कि छात्र अपने कॉलेज के पास रहकर बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें और आर्थिक दबाव कम हो। अगर यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो हजारों छात्रों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।




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