
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के करीब 25,000 नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) की अगुवाई वाली बेंच ने हालांकि सीबीआई (CBI) को अपनी जांच जारी रखने और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों की भी जांच करने की अनुमति दे दी है। पीठ कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 अप्रैल के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
अदालत ने सीबीआई से कहा कि वह किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने जैसी कोई जल्दबाज़ी भरी कार्रवाई न करे। सुनवाई के दौरान स्कूल सेवा आयोग की तरफ से पेश सीनियर वकील जयदीप गुप्ता ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट की बेंच के पास नौकरियां रद्द करने का अधिकार नहीं है और उसके आदेश इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट नौकरियां रद्द करने के हाई कोर्ट के फैसले पर रोक टोलगै मगर सुनवाई के दौरान उसने पश्चिम बंगाल सरकार से भी कड़े सवाल पूछे। सीजेआई ने बंगाल सरकार से पूछा कि उसने अतिरिक्त पद क्यों बनाए और वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थियों को नियुक्त क्यों किया, जबकि चयन प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी गई थी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में सीबीआई को बंगाल सरकार के अधिकारियों की जांच करने को कहा गया था। तब इसने 25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस ताज़ा फैसले का राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने स्वागत किया है और संतोष जताया है कि इससे शिक्षकों को राहत मिलेगी।




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