
दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के हंसराज कॉलेज (Hansraj College) में बीते एक हफ्ते के दौरान 30 से अधिक छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने यह कार्रवाई कैंपस में हुई हिंसा, अनुशासनहीनता और संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के आधार पर की है। यह कदम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में हुई घटनाओं के बाद उठाया गया है।
फेस्ट के दौरान हुई घटनाएं बनीं मुख्य वजह
कॉलेज प्रशासन की ओर से 20 से 25 अप्रैल के बीच जारी कई नोटिसों में अलग-अलग घटनाओं का जिक्र किया गया है। इनमें सबसे प्रमुख 8 और 9 अप्रैल को आयोजित वार्षिक फेस्ट के दौरान हुई झड़प और अव्यवस्था को बताया गया है। इसके अलावा 15 अप्रैल को हुई एक अन्य हिंसक घटना को लेकर भी कार्रवाई की गई है। कॉलेज का कहना है कि इन घटनाओं ने शैक्षणिक माहौल को प्रभावित किया और अनुशासन भंग किया।
छात्र संघ के पदाधिकारी भी निलंबित
ताजा जानकारी के मुताबिक, Hansraj College Students’ Union 2025-26 के चारों पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। Ordinance XV-B के तहत अध्यक्ष अभिजीत सिंह, उपाध्यक्ष उपलक्ष तोमर, सचिव आस्था चावला और संयुक्त सचिव दिवनीत कौर के खिलाफ यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। यह निलंबन जांच पूरी होने तक जारी रहेगा।
कैंपस में एंट्री पर रोक, परीक्षा में मिलेगी अनुमति
कॉलेज प्रशासन के आदेश के अनुसार, यह निलंबन अस्थायी है। इस दौरान संबंधित छात्रों को कैंपस में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, उन्हें निर्धारित तारीखों पर परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल में शामिल होने की छूट दी गई है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सवाल
पहले जारी नोटिसों में कुछ छात्रों पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप भी लगाए गए हैं। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और अनुशासन के खिलाफ हैं।
छात्रों में नाराजगी, कार्रवाई पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद छात्रों के एक वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है। छात्र संगठनों का आरोप है कि यह कदम एकतरफा है और खास तौर पर उन छात्रों को निशाना बनाया गया है, जो कैंपस से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय थे।
DUSU अध्यक्ष ने जताई आपत्ति
Delhi University Students’ Union (DUSU) के अध्यक्ष Aryan Mann ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि संस्थान प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है और छात्र प्रतिनिधियों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है।
फिलहाल, कॉलेज प्रशासन की ओर से जांच जारी है और अंतिम फैसला रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। इस बीच, कैंपस में अनुशासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है।




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