
आंध्र प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य ‘मशरूम मिशन’ शुरू करने जा रहा है, जिसके लिए लगभग 13,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाना और आंध्र प्रदेश को मशरूम उत्पादन का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
सरकार की योजना यह सुनिश्चित करने की है कि खेती में कम लागत, अधिक उत्पादन और सुरक्षित बाजार उपलब्ध हो। इसी दिशा में 5,184 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में देने का फैसला किया गया है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। यह राशि कुल लागत का लगभग 40 प्रतिशत होगी, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ काफी कम होगा और नए उत्पादकों को भी जुड़ने का मौका मिलेगा।
राज्य ने मशरूम उत्पादन को अगले कुछ वर्षों में बढ़ाकर 67,500 टन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल बिहार लगभग 45,000 टन वार्षिक उत्पादन के साथ देश में सबसे आगे है, लेकिन आंध्र प्रदेश इस नए मिशन के जरिए शीर्ष स्थान हासिल करने की तैयारी में है। अधिकारी मुख्यमंत्री को पूरी कार्ययोजना सौंप चुके हैं और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की उम्मीद है।
मिशन का केंद्र छोटे और मध्यम स्तर के यूनिट्स होंगे, जिनके लिए 5,000 वर्ग फीट के उत्पादन मॉडल पर काम किया गया है। इस तरह के यूनिट ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आसान निवेश का अवसर बनेंगे, जिससे गांवों में स्वरोजगार और स्थायी आय के नए रास्ते खुलेंगे।
पूरे राज्य में 1.62 लाख मशरूम उत्पादन और व्यवसाय यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और मजबूत सप्लाई चेन विकसित की जाएगी, ताकि उत्पादन से लेकर बाजार तक हर स्तर पर किसानों को लाभ मिल सके। स्वयं सहायता समूहों को इस मिशन से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर देने की योजना भी बनाई गई है।
मिशन में मिल्की मशरूम, पैडी स्ट्रॉ मशरूम और बटन मशरूम जैसी अधिक मांग वाली किस्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। खासकर मिल्की मशरूम गर्म जलवायु में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जो आंध्र प्रदेश की परिस्थितियों के लिए उपयुक्त है। सरकार इन किस्मों को कृषि उत्पाद का दर्जा देने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसानों को योजनाओं और बाजारों तक सीधी पहुंच मिले।
राज्य सरकार का ध्यान बढ़ती घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात बाजार पर भी है। खाड़ी देशों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसे देखते हुए वैल्यू चेन को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मिशन, ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) अभियान की तरह, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया बदलाव ला सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, नए रोजगार पैदा होंगे और आंध्र प्रदेश कृषि नवाचार का केंद्र बन सकता है।




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