
उभरती तकनीकों में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों और युवा इंजीनियरों के लिए एक नया अवसर सामने आया है। वैश्विक टेक कंपनी UST और iHUB DivyaSampark IIT Roorkee के बीच एक अहम समझौता हुआ है। iHUB दिव्यसम्पर्क, Indian Institute of Technology Roorkee में स्थापित टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब है, जिसे Department of Science and Technology की पहल के तहत विकसित किया गया है।
MoU के जरिए टेक्नोलॉजी और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
दोनों संस्थानों के बीच यह समझौता एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के रूप में किया गया है। इसका उद्देश्य मिलकर अगली पीढ़ी की तकनीकों और स्केलेबल उत्पादों का विकास करना है, जो भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी उपयोगी हों।
इस MoU का औपचारिक आदान-प्रदान 28 अप्रैल 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित UST कैंपस में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। इससे पहले भी UST, BITS Pilani, Indian Institute of Technology Madras, Western Sydney University और T-Works जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी कर चुका है।
किन क्षेत्रों में होगा काम
यह साझेदारी रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सुरक्षा, क्लाउड प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में उन्नत समाधान विकसित करने पर केंद्रित है। इसके साथ ही यह पहल शिक्षा, रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल बनाने का भी प्रयास करेगी।
छात्रों के लिए इसका मतलब होगा कि उन्हें प्रैक्टिकल इनोवेशन, रिसर्च वातावरण और भविष्य के रोजगार के अवसरों से जुड़ने का बेहतर मौका मिलेगा।
रिसर्च से बाजार तक का सफर होगा तेज
इस पहल का मुख्य फोकस इंजीनियरिंग रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर रहेगा। इसके तहत साइबर-फिजिकल सिस्टम्स, डिजिटल इंजीनियरिंग और AI आधारित एप्लिकेशन पर काम किया जाएगा।
साथ ही, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कमर्शियलाइजेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रिसर्च के आइडिया तेजी से बाजार में उपयोग होने वाले उत्पाद और सेवाओं में बदल सकें।
दोनों पक्षों की क्या भूमिका होगी
UST इस सहयोग में एंबेडेड हार्डवेयर, फर्मवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
वहीं iHUB DivyaSampark IIT Roorkee अपने मजबूत रिसर्च नेटवर्क, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अकादमिक अनुभव के जरिए इस साझेदारी को मजबूती देगा।
छात्रों के लिए क्या मायने
यह सहयोग छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नए रास्ते खोल सकता है। उन्हें न सिर्फ उन्नत तकनीकों के साथ काम करने का मौका मिलेगा, बल्कि इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार स्किल्स विकसित करने का भी अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह पहल भारत में तकनीकी नवाचार और स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




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