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भारतीय अर्थशास्त्री के. वी. सुब्रमण्यम को शिकागो विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार

भारतीय अर्थशास्त्री के. वी. सुब्रमण्यम को शिकागो विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार

भारतीय अर्थशास्त्री के. वी. सुब्रमण्यम को शिकागो विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार

भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम (Krishnamurthy V Subramanian) को शिकागो विश्वविद्यालय (University of Chicago) ने अपने प्रतिष्ठित पूर्व छात्र (Distinguished Alumni) पुरस्कार से सम्मानित किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, 1941 में शुरू हुए इस सम्मान के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भारतीय अर्थशास्त्री को यह पुरस्कार दिया गया है।

इस उपलब्धि के साथ सुब्रमण्यम उन चुनिंदा वैश्विक विद्वानों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनमें पॉल सैमुएलसन, गैरी बेकर, क्लाउडिया गोल्डिन, कार्ल सागन और फिलिप कोटलर जैसे नाम शामिल हैं। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर अकादमिक और नीतिगत योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।

इस अवसर पर सुब्रमण्यम ने इसे अपने लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान खास इसलिए है क्योंकि यह उनके भारत से जुड़े कार्यों की पहचान करता है। उन्होंने सी वी रमन, होमी जे भाभा, विक्रम साराभाई और एम एस स्वामीनाथन जैसे दिग्गजों के योगदान को याद करते हुए खुद को उनकी परंपरा का हिस्सा बनने पर सम्मानित महसूस करने की बात कही।

कोविड-19 महामारी के दौरान सुब्रमण्यम ने आर्थिक नीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य आर्थिक सलाहकार (2018–2021) के रूप में उन्होंने तीन आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किए, जिन्हें नीति निर्माण में अहम दस्तावेज माना गया। इन सर्वेक्षणों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, सुधारों को गति देने और समावेशी विकास पर जोर दिया गया।

महामारी के कठिन दौर में उन्होंने ‘वी-आकार की आर्थिक रिकवरी’ की अवधारणा सामने रखी थी, जिसमें अर्थव्यवस्था के तेज गिरावट के बाद तेजी से उभरने की संभावना जताई गई थी। इस दृष्टिकोण ने उस समय देश की आर्थिक मजबूती को लेकर भरोसा बढ़ाने में भूमिका निभाई।

यह पुरस्कार खास तौर पर भारत में उनके योगदान को मान्यता देता है। अब तक यह सम्मान मुख्य रूप से पश्चिमी देशों से जुड़े विद्वानों को मिलता रहा है, ऐसे में किसी भारतीय अर्थशास्त्री को यह सम्मान मिलना एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

हाल के घटनाक्रम में, सुब्रमण्यम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी International Monetary Fund (IMF) में भारत की ओर से कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। हालांकि, पिछले वर्ष मई में उनका कार्यकाल निर्धारित समय से पहले समाप्त कर दिया गया। इसके बाद अगस्त में  उर्जित पटेल को इस पद पर नियुक्त किया गया।

अर्थशास्त्र और नीति निर्माण के क्षेत्र में सुब्रमण्यम का योगदान लगातार चर्चा में रहा है। शिकागो विश्वविद्यालय से मिला यह सम्मान उनके काम की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को दर्शाता है।

Asmita Sarkar

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