
पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय बोर्ड की परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। Cambridge International Education के AS Level गणित (Pure Mathematics 1) का प्रश्नपत्र कथित तौर पर परीक्षा से पहले लीक होने की खबर सामने आई है। यह परीक्षा बुधवार दोपहर आयोजित होनी थी, लेकिन उससे कुछ घंटे पहले ही पेपर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने का दावा किया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रश्नपत्र मंगलवार रात से ही प्रसारित होना शुरू हो गया था और परीक्षा से पहले ही कई प्लेटफॉर्म्स पर हल और बिना हल दोनों रूपों में उपलब्ध था। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि पेपर को ऑनलाइन बेचा जा रहा था, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला तब गंभीर हुआ जब कराची के एक निजी परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। कई परीक्षार्थियों ने दावा किया कि उन्होंने परीक्षा से पहले वही प्रश्नपत्र देखा था, जो उन्हें एग्जाम में मिला। मौके पर मौजूद British Council के प्रतिनिधियों ने छात्रों के बयान दर्ज किए।
इस बीच, कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने इस मामले को स्वीकार करते हुए जांच शुरू कर दी है। बोर्ड ने कहा है कि उसे पेपर लीक से जुड़ी रिपोर्ट्स की जानकारी है और वह इनकी पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर जून 2026 परीक्षा सत्र के दौरान या बाद में अतिरिक्त जानकारी साझा की जाएगी।
Cambridge University Press & Assessment का हिस्सा CIE दुनिया के 160 से अधिक देशों में O Level, AS और A Level परीक्षाएं आयोजित करता है। पाकिस्तान में ये परीक्षाएं उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं।
यह लगातार तीसरा साल है जब इस क्षेत्र में परीक्षा सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इससे पहले 2024 में भी A Level गणित का प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद प्रभावित छात्रों को ‘असेस्ड मार्क्स’ दिए गए थे। वहीं, 2025 में भी कुछ प्रश्नपत्रों के हिस्से परीक्षा से पहले उपलब्ध होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद छात्रों को री-एग्जाम का विकल्प दिया गया था।
ताजा मामला ऐसे समय सामने आया है जब मई-जून 2026 की परीक्षा श्रृंखला 23 अप्रैल से शुरू होकर 9 जून तक जारी है। इस घटनाक्रम ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर CIE की जांच रिपोर्ट और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि प्रभावित छात्रों के साथ किस तरह का समाधान किया जाएगा।




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