
…. किसी भी नेता को भगवान मत बनाइए। अंधभक्ति तो बिल्कुल मत करिए।
यह संवाद जी5 पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘द ब्रोकेन न्यूज 2’ में पत्रकार राधा भार्गव का है, जिसका किरदार निभा रही हैं श्रिया पिलगांवकर। यह वेब सीरीज अपनी कहानी और कथानक को लेकर तो पहले सीजन से ही चर्चित रहा है, लेकिन इस वक़्त इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तौर पर वायरल हो रहा है। इसमें श्रिया पिलगांवकर कुछ संवाद कहती देखी-सुनी जा रही हैं। और वह डायलाग या संवाद कहीं न कहीं इस चुनावी मौसम में लोकतंत्र के प्रति नागरिकों को जगाने की कोशिश करता नज़र आ रहा है।
पत्रकार राधा भार्गव की भूमिका में श्रिया पिलगांवकर इस वीडियो में कह रही हैं- “‘जिम्मेदारी है। कोई भी राजनेता हो, सभी हमारी तरह आम इंसान हैं। किसी भी नेता को भगवान मत बनाइए। अंधभक्ति तो बिल्कुल मत करिए।” जाहिर है कि वह इसमें नागरिकों को उनकी ताकत का अहसास करा रही हैं, लेकिन इसमें अंधभक्ति शब्द के इस्तेमाल के कारण इस वीडियो को एक ख़ास वर्ग ने हाथों हाथ लपक लिया। फिर क्या था, धड़ाधड़ इसे शेयर किया जाने लगा। और यह वीडियो जबरदस्त वायरल हो गया। वैसे भी चुनावी मौसम में ऐसे वीडियो सियासी हथियार बन जाते हैं, इससे हम सभी वाकिफ हैं।
बहरहाल, एक ऐसे वक़्त में जब देश के लोकतंत्र का महाउत्सव चल रहा है, श्रिया पिलगांवकर का यह वीडियो एक सीख है। यह संदेश भी कि लोकसभा चुनावों में मतदान करने वालों को किसी एक नेता की भक्ति से ऊपर उठकर अपने मत का इस्तेमाल करना चाहिए। लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए आंखें खोलकर रखने की सीख भी है इसमें।
श्रिया आगे कहती भी हैं, ‘बस अपनी आंखें खुली रखिए। इस देश के लोकतंत्र के लिए इसकी सख्त जरूरत है। जब राजनेता कुछ सही करें, उन्हें सराहिए। जब गलत करें तो उन्हें टोकने और उनकी आलोचना करने से बिल्कुल मत डरिए। बस याद रखिए आप, मैं और हम सब पब्लिक हैं। और लोकतंत्र में पब्लिक से बड़ा कोई नहीं है’। निःसंदेह श्रिया की कही एक-एक बात सुनने और गौर करने लायक है।
गौरतलब है कि ‘द ब्रोकेन न्यूज’ का दूसरा सीजन 3 मई को ही रिलीज हुआ है। इससें श्रिया के अलावा जयदीप अहलावत, सोनाली बेंद्रे, इंद्रनील सेनगुप्ता, सुखमनी सदाना, तारुक रैना, फैसद राशिद और संजीता भट्टाचार्य हैं। विनय वाइकुल ने इसका निर्देशन किया है। सीरीज में श्रिया का ‘जिम्मेदारी हमारी है’ भाषण काफी प्रभावी है। आठ एपिसोड्स में फैली इस सीरीज का दूसरा सीजन न्यूज रूम्स में समाचारों के चयन को लेकर नई और पुरानी पीढ़ी के बीच वैचारिक मतभेद और सोशल मीडिया के दौर में समाचारों के बदले स्वरूप पर बात करता है।
ब्रिटिश सीरीज ‘प्रेस’ के इस भारतीय रूपांतरण की स्टोरी, स्क्रीनप्ले और संवाद सम्बित मिश्रा ने लिखे हैं। उन्होंने शो को देश की मीडिया के मौजूदा ईको सिस्टम में ढाला है। सरकार का पक्ष लेने वाली मीडिया, खुद को तटस्थ दिखाती मीडिया और सोशल मीडिया के बेसिर-पैर की खबरों का प्राइम टाइम तक पहुंचाने की साजिश, ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों पर ना जाए। सम्बित ने ऐसे घटनाक्रमों को स्क्रीनप्ले में पिरोया है। चैनलों के न्यूज रूम्स के बीच लड़ाई किस तरह कॉरपोरेट और पॉलिटिक्स से प्रभावित रहती है, स्क्रीनप्ले में यह भी शामिल किया गया है। सितारों के साथ सियासत की डील में मिडिलमैन की भूमिका निभाता मीडिया इसका हाइलाइट है।




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