
देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत कक्षा 3 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पढ़ाई का हिस्सा बनाने के साथ हो चुकी है। अब अगला कदम शिक्षकों को AI के जरिए प्रशिक्षित करना है, जिसके तहत 2027 तक देशभर के करीब 10 लाख शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (Indian Institute of Technology Madras) की अहम भूमिका होगी। इसके साथ ही एनसीईआरटी (National Council of Educational Research and Training), राज्य शिक्षा अनुसंधान परिषद (SCERT) और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी इसमें सहयोग करेंगे।
जून से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। इसकी शुरुआत जून 2026 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। इसके तहत पहले कुछ राज्यों में शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, हरियाणा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य इस पहल से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कई राज्यों ने इस दिशा में सहमति भी दे दी है।
22 भाषाओं में मिलेगा प्रशिक्षण
इस योजना के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षक सभी विषयों को AI के माध्यम से पढ़ाने का प्रशिक्षण लेंगे। खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के शिक्षक इसे आसानी से समझ सकें।
IIT मद्रास का ‘बोधन AI’ देगा सहयोग
शिक्षकों को AI से जोड़ने के लिए IIT मद्रास के ‘बोधन AI’ प्रोजेक्ट की मदद ली जाएगी। यह प्रोजेक्ट शिक्षकों को नई तकनीक समझने और उसे कक्षा में लागू करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI के आने से शिक्षकों की भूमिका खत्म नहीं होगी, बल्कि और मजबूत होगी। इससे वे पढ़ाने के तरीके को और बेहतर बना सकेंगे।
पढ़ाई में क्या होगा बदलाव
AI के इस्तेमाल से कक्षा का तरीका काफी बदलने वाला है। शिक्षक अब हर छात्र की पढ़ाई पर नजर रख सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, टेस्ट कॉपी को स्कैन करने के बाद AI के जरिए छात्रों की प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी।
इस रिपोर्ट में छात्र की कमजोरियां और ताकत दोनों सामने आएंगी, जिससे शिक्षक उसी के अनुसार पढ़ाने की योजना बना सकेंगे। इससे पढ़ाई ज्यादा व्यक्तिगत (Personalized) और प्रभावी हो सकेगी।
शिक्षा को मिलेगा नया रूप
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ तकनीक जोड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा को ज्यादा प्रभावी और आधुनिक बनाना है। AI की मदद से छात्रों को बेहतर समझ, तुरंत फीडबैक और सीखने का नया अनुभव मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह बदलाव आने वाले समय में स्कूल शिक्षा को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जहां तकनीक और शिक्षण साथ मिलकर छात्रों को बेहतर तरीके से तैयार करेंगे।




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