
देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ने 2026 सत्र के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिससे जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई करने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है। संस्थान ने अपने बैचलर ऑफ साइंस (BS) डिग्री प्रोग्राम्स में सीधे प्रवेश की सुविधा शुरू की है। इस कदम को उच्च शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने और एडमिशन प्रक्रिया को सरल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत, JEE Advanced 2026 पास करने वाले छात्रों को अब BS प्रोग्राम्स में दाखिले के लिए किसी अतिरिक्त टेस्ट या स्क्रीनिंग से नहीं गुजरना होगा। यानी एक बार परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद छात्र सीधे आवेदन कर सकते हैं, जिससे समय और प्रयास दोनों की बचत होगी।
इस पहल का मकसद सिर्फ एडमिशन प्रक्रिया को आसान बनाना नहीं है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक आईआईटी स्तर की शिक्षा पहुंचाना भी है। खासतौर पर वे छात्र, जो पारंपरिक बीटेक प्रोग्राम के अलावा लचीले और इंटरडिसिप्लिनरी अंडरग्रेजुएट कोर्स में दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए यह एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है। IIT मद्रास के BS प्रोग्राम्स पहले से ही अपनी फ्लेक्सिबल संरचना और इंडस्ट्री-रिलेटेड करिकुलम के लिए जाने जाते हैं।
आवेदन प्रक्रिया फिलहाल जारी है और इच्छुक उम्मीदवार 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। संस्थान ने साफ किया है कि उम्मीदवार केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया चैनलों से ही जानकारी लें, ताकि किसी तरह की गलत या फर्जी सूचना से बचा जा सके।
जो छात्र आईआईटी में पढ़ाई का सपना देखते हैं, लेकिन पारंपरिक एडमिशन रास्तों के अलावा अन्य विकल्प भी तलाश रहे हैं, उनके लिए यह पहल खास मायने रखती है। JEE Advanced 2026 क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक सीधा और भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आया है।
आवेदन प्रक्रिया को भी सरल रखा गया है। उम्मीदवारों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर अपनी बेसिक और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी, साथ ही JEE Advanced से जुड़ी डिटेल्स भी सावधानी से दर्ज करनी होंगी। जरूरी दस्तावेज जैसे फोटो, पहचान पत्र और प्रमाणपत्र अपलोड करने के बाद, यदि लागू हो तो शुल्क का भुगतान करना होगा। अंत में सभी जानकारी की जांच कर आवेदन सबमिट करना जरूरी है, और भविष्य के लिए उसकी कॉपी सुरक्षित रखना भी जरूरी माना गया है।
कुल मिलाकर, IIT मद्रास की यह पहल उच्च शिक्षा में लचीलापन और पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे अधिक छात्रों को देश के शीर्ष संस्थानों में पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा।




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