
Indian Institute of Science ने JEE Advanced 2026 से पहले छात्रों के लिए तीन नए BTech प्रोग्राम लॉन्च करने की घोषणा की है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल IISc बेंगलुरु अब 2026-27 शैक्षणिक सत्र से मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिक्स एंड कंप्यूटिंग और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में नए BTech कोर्स शुरू करेगा। इन कोर्सों में दाखिला JEE Advanced 2026 के स्कोर और JoSAA काउंसलिंग के जरिए दिया जाएगा।
संस्थान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नए प्रोग्राम ऐसे छात्रों को तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हैं जो भविष्य में रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इंटरडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में नेतृत्व कर सकें। इन कोर्सों में फंडामेंटल साइंस, कोर इंजीनियरिंग और आधुनिक कम्प्यूटेशनल टूल्स को एक साथ जोड़ने पर फोकस किया गया है।
IISc बेंगलुरु पहले से बैचलर ऑफ साइंस (रिसर्च) प्रोग्राम संचालित कर रहा है। अब संस्थान अंडरग्रेजुएट स्तर पर अपने BTech विकल्पों का विस्तार कर रहा है। इसी शैक्षणिक सत्र से नए कोर्सों में एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू होगी। इच्छुक छात्र IISc के एडमिशन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
संस्थान का कहना है कि शुरुआती सेमेस्टर में छात्रों को मजबूत बेसिक करिकुलम पढ़ाया जाएगा, जिसमें इंजीनियरिंग, गणित और कम्प्यूटेशनल मेथड्स के कोर विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच, कंप्यूटर स्किल और प्रैक्टिकल नॉलेज विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में एयरोस्पेस, एडवांस्ड मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से अवसर बढ़ने वाले हैं। ऐसे में IISc के ये नए प्रोग्राम छात्रों को रिसर्च और इंडस्ट्री दोनों क्षेत्रों में मजबूत करियर विकल्प दे सकते हैं।
संस्थान का मानना है कि इन कोर्सों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत और विदेश के रिसर्च संस्थानों, टेक कंपनियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में बेहतर अवसर मिलेंगे। खास बात यह है कि इन प्रोग्राम्स को उभरती तकनीकों और भविष्य की इंडस्ट्री जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
वहीं JEE Advanced 2026 इस साल Indian Institute of Technology Roorkee द्वारा आयोजित किया जाएगा। परीक्षा 17 मई 2026 को होगी। केवल वही छात्र परीक्षा में शामिल हो सकेंगे जो JEE Main 2026 के BE/BTech पेपर में टॉप 2.5 लाख सफल उम्मीदवारों में शामिल होंगे। नियमों के अनुसार कोई भी छात्र अधिकतम दो बार ही JEE Advanced परीक्षा दे सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि IISc बेंगलुरु का यह कदम देश में उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। खासकर उन छात्रों के लिए यह बड़ा अवसर हो सकता है जो पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं से आगे बढ़कर रिसर्च आधारित और भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।




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