
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education ने छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर करियर मार्गदर्शन देने के लिए नई पहल शुरू की है। अब स्कूलों की भूमिका केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें छात्रों को करियर विकल्पों, प्रवेश परीक्षाओं, स्कॉलरशिप और इंटर्नशिप से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
सीबीएसई ने 8 मई को जारी एक सर्कुलर में स्कूल प्रिंसिपल और काउंसलर्स के लिए “Entrance Exam and Career Pathways Awareness Program” शुरू करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को समय रहते सही जानकारी देकर उनके करियर निर्णय को आसान बनाना है।
स्कूलों में मजबूत होगी करियर काउंसलिंग व्यवस्था
सीबीएसई की यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई है। बोर्ड का मानना है कि आज के समय में छात्रों को केवल अकादमिक पढ़ाई तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। तेजी से बदलती दुनिया में छात्रों को अलग-अलग करियर विकल्पों और भविष्य की जरूरतों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में करियर काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। छात्रों को उनकी रुचि, क्षमता और कौशल के आधार पर सही दिशा दिखाने का प्रयास किया जाएगा ताकि वे बिना दबाव के अपने लिए बेहतर करियर चुन सकें।
पारंपरिक करियर से आगे बढ़ने का मौका
विशेषज्ञों का कहना है कि कई छात्र अक्सर भीड़ का हिस्सा बनकर करियर का चुनाव कर लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह कार्यक्रम छात्रों को नए और उभरते क्षेत्रों के बारे में जानकारी देने में मदद करेगा।
अब छात्रों को केवल डॉक्टर या इंजीनियर जैसे पारंपरिक विकल्पों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजाइन, डिजिटल मीडिया, स्किल आधारित प्रोफेशन और रिसर्च जैसे क्षेत्रों की जानकारी भी दी जाएगी।
JEE, NEET और स्कॉलरशिप की जानकारी स्कूल में ही मिलेगी
इस कार्यक्रम के लागू होने के बाद छात्रों को विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम जैसे JEE, NEET, CUET और अन्य प्रोफेशनल कोर्सों से जुड़ी जानकारी स्कूल स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा देश और विदेश में मिलने वाली स्कॉलरशिप, फेलोशिप और इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाई जाएगी।
काउंसलर्स छात्रों को यह समझने में मदद करेंगे कि किस कोर्स के लिए कौन-सी परीक्षा जरूरी है, तैयारी कैसे करनी है और आगे करियर की संभावनाएं क्या हैं।
छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा सकारात्मक असर
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल छात्रों में करियर को लेकर स्पष्टता बढ़ाने में मदद कर सकती है। सही समय पर सही जानकारी मिलने से छात्र बेहतर योजना बना सकेंगे और गलत निर्णय लेने की संभावना कम होगी।
सीबीएसई की यह पहल ऐसे समय में आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर विकल्पों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल स्तर पर मार्गदर्शन मिलने से छात्रों और अभिभावकों दोनों को काफी फायदा हो सकता है।




Add comment