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NEET 2026 पेपर लीक मामला: राजस्थान SOG की जांच में बड़े खुलासे, 600 नंबर तक के सवाल पहले पहुंचने का दावा

NEET 2026 पेपर लीक मामला: राजस्थान SOG की जांच में बड़े खुलासे, 600 नंबर तक के सवाल पहले पहुंचने का दावा

NEET 2026 पेपर लीक मामला: राजस्थान SOG की जांच में बड़े खुलासे, 600 नंबर तक के सवाल पहले पहुंचने का दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में सवाल कुछ छात्रों तक पहुंच चुके थे और कथित तौर पर लगभग 600 नंबर के प्रश्न परीक्षा से पहले ही शेयर किए गए थे।

मामले की जांच कर रही SOG अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। शुरुआती जांच में यह मामला सिर्फ एक “गेस पेपर” तक सीमित नहीं लग रहा, बल्कि संगठित तरीके से प्रश्नों के प्रसार की आशंका जताई जा रही है।

व्हाट्सएप और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए फैला कथित क्वेश्चन बैंक

जांच एजेंसी के अनुसार संदिग्ध क्वेश्चन बैंक व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। कई डिजिटल दस्तावेजों में “Forwarded Many Times” जैसी जानकारी मिलने से यह संकेत मिला है कि सामग्री बड़ी संख्या में लोगों के बीच शेयर की गई थी।

एसओजी को जांच के दौरान कुछ फोटोकॉपी दुकानों से भी संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि कथित प्रश्न सामग्री को ऑफलाइन माध्यम से भी छात्रों तक पहुंचाया गया।

300 से ज्यादा सवाल वायरल, 150 प्रश्न परीक्षा में मिलने का दावा

पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रों को जो दस्तावेज मिले, उनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक सवाल शामिल थे। बताया जा रहा है कि इनमें से कई सवाल हाथ से लिखे हुए थे।

जांच एजेंसियों के मुताबिक लगभग 150 सवाल सीधे NEET 2026 परीक्षा में पूछे गए। चूंकि प्रत्येक प्रश्न चार नंबर का होता है, इसलिए करीब 600 अंकों के प्रश्न मैच होने का दावा किया जा रहा है। यदि यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है, तो यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में से एक माना जा सकता है।

सीकर और चूरू से जुड़े नेटवर्क के तार

सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत राजस्थान के चूरू जिले से हुई। जांच में सामने आया है कि एक युवक, जो वर्तमान में केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है, ने सबसे पहले यह सामग्री साझा की थी।

बताया जा रहा है कि वहां से यह कथित क्वेश्चन बैंक सीकर के एक पीजी संचालक तक पहुंचा और फिर छात्रों के बीच बांटा गया। इसके बाद सामग्री तेजी से वायरल हो गई और कई अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंच गई।

राजस्थान के सीकर का नाम पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग व्यवस्था और पेपर लीक मामलों में चर्चा में रहा है। ऐसे में इस मामले ने एक बार फिर परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही SOG

एसओजी अब संदिग्धों के सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्न सामग्री सबसे पहले किसने तैयार की, इसे कहां से हासिल किया गया और किन लोगों ने इसे आगे फैलाने में भूमिका निभाई।

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। कई लोगों से पूछताछ जारी है और डिजिटल सबूतों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

परीक्षा प्रणाली पर फिर उठे सवाल

NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक या प्रश्न लीक की आशंका सामने आने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए यह परीक्षा देते हैं। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सरकार और एजेंसियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

फिलहाल जांच जारी है और आधिकारिक स्तर पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। हालांकि शुरुआती जांच में मिले तथ्यों ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।

Asmita Sarkar

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