
देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा को निरस्त किया जा रहा है। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीखों का एलान जल्द किया जाएगा।
यह फैसला उस समय लिया गया है जब राजस्थान समेत कई राज्यों में कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। जांच एजेंसियों को मिले इनपुट और शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के बाद मामला लगातार गंभीर होता गया। इसी बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया। एनटीए ने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया है कि अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी।
NTA ने जारी किया आधिकारिक बयान
NTA ने अपने बयान में कहा कि 8 मई को एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े मामलों को केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास सत्यापन और जांच के लिए भेजा था। इसके बाद जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और तथ्यों की समीक्षा की गई। एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए NEET UG 2026 को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीखें अलग से जारी की जाएंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और NTA के सत्यापित प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा दबाव
हाल के दिनों में राजस्थान के सीकर जिले से कथित “गेस पेपर” वायरल होने का मामला सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वायरल सामग्री के कई सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए थे। इसके बाद राजस्थान SOG और ATS ने जांच शुरू की थी और कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
हालांकि शुरुआत में NTA ने कहा था कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई थी। एजेंसी के अनुसार प्रश्नपत्रों को GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से पहुंचाया गया था और परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5G जैमर जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं।
इसके बावजूद कथित अनियमितताओं के लगातार सामने आने के बाद परीक्षा को लेकर विवाद गहराता गया।
22 लाख से ज्यादा छात्रों पर असर
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इस वर्ष करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। यह परीक्षा MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में दाखिले का आधार होती है।
परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद अब लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा का इंतजार करना होगा। इससे काउंसलिंग प्रक्रिया और नए शैक्षणिक सत्र की समय-सीमा पर भी असर पड़ सकता है।
छात्रों के बीच बढ़ी चिंता
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई छात्र लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को कम से कम परेशानी हो।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल NTA ने नई परीक्षा तारीखों की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि एजेंसी जल्द ही संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर सकती है। इसके साथ नए एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों की जानकारी भी दोबारा जारी की जाएगी।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें। फिलहाल देशभर की नजरें अब NTA और केंद्र सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई हैं।




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