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Why Has Russia Become the Top Choice for Indian Students Pursuing Medical Studies?

भारतीय छात्रों के लिए रूस क्यों बना मेडिकल पढ़ाई का सबसे बड़ा विकल्प, जानिए टॉप यूनिवर्सिटीज

Why Has Russia Become the Top Choice for Indian Students Pursuing Medical Studies?

भारत में मेडिकल सीटों की सीमित संख्या और प्राइवेट कॉलेजों की ऊंची फीस के बीच बड़ी संख्या में छात्र विदेश में एमबीबीएस करने का विकल्प चुन रहे हैं। इनमें रूस भारतीय छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय देशों में शामिल है। कम फीस, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बिना डोनेशन एडमिशन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री रूस को मेडिकल शिक्षा के लिए आकर्षक बनाती है।

हर साल हजारों भारतीय छात्र National Eligibility cum Entrance Test क्वालिफाई करने के बाद रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेते हैं। खास बात यह है कि रूस में कई विश्वविद्यालय इंग्लिश मीडियम में एमबीबीएस कोर्स उपलब्ध कराते हैं, जिससे भारतीय छात्रों को पढ़ाई में आसानी होती है।

कजान फेडरल यूनिवर्सिटी

Kazan Federal University रूस की सबसे प्रतिष्ठित और पुरानी यूनिवर्सिटीज में गिनी जाती है। यह यूनिवर्सिटी अपनी क्वालिटी मेडिकल एजुकेशन और आधुनिक लैब सुविधाओं के लिए जानी जाती है। यहां छात्रों को शुरुआती वर्षों से ही क्लिनिकल प्रैक्टिस का मौका मिलता है, जिससे उनकी प्रैक्टिकल समझ मजबूत होती है।

विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई इंग्लिश मीडियम में भी उपलब्ध है और इसकी डिग्री कई देशों में मान्यता प्राप्त है।

सेचेनोव फर्स्ट मॉस्को स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी

Sechenov First Moscow State Medical University रूस की राजधानी मॉस्को में स्थित है और इसे देश के सबसे बड़े मेडिकल रिसर्च संस्थानों में माना जाता है। यह यूनिवर्सिटी रिसर्च, लाइब्रेरी नेटवर्क और इंटरनेशनल मेडिकल एक्सपोजर के लिए प्रसिद्ध है।

यहां पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक मेडिकल रिसर्च और वैश्विक हेल्थकेयर सिस्टम को समझने का मौका मिलता है, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय करियर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

बशकिर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी

Bashkir State Medical University भारतीय छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसकी प्रमुख वजह किफायती फीस और विदेशी छात्रों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम माना जाता है।

यूनिवर्सिटी के अपने अस्पताल हैं, जहां छात्र अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेते हैं। उफा शहर में स्थित यह संस्थान बजट में मेडिकल शिक्षा पाने वाले छात्रों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है।

क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी

Crimea Federal University पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों की पसंदीदा यूनिवर्सिटीज में शामिल हुई है। यहां फीस अपेक्षाकृत कम है और एडमिशन प्रक्रिया भी आसान मानी जाती है।

विश्वविद्यालय में आधुनिक मेडिकल उपकरण और अस्पताल सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा यहां भारतीय छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें नया माहौल अपनाने में आसानी होती है।

ओरेनबर्ग स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी

Orenburg State Medical University अपनी अनुशासित शिक्षा व्यवस्था और मजबूत अकादमिक रिकॉर्ड के लिए जानी जाती है। इस यूनिवर्सिटी का पास प्रतिशत अच्छा माना जाता है, जो छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होता है।

यहां ट्यूशन फीस और रहने का खर्च अपेक्षाकृत कम है, इसलिए यह भारतीय छात्रों के लिए किफायती विकल्प बनकर उभरी है।

रूस में MBBS करने के प्रमुख फायदे

रूस में एमबीबीएस की सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती फीस है। भारत के कई निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में यहां पूरा कोर्स काफी कम खर्च में पूरा किया जा सकता है। आमतौर पर 6 साल के एमबीबीएस कोर्स का कुल खर्च लगभग 25 से 35 लाख रुपये के बीच माना जाता है, हालांकि यह विश्वविद्यालय और शहर के अनुसार अलग हो सकता है।

इसके अलावा रूस में अलग से किसी एंट्रेंस परीक्षा की जरूरत नहीं होती। छात्रों के लिए केवल NEET क्वालिफाई करना अनिवार्य होता है।

अधिकांश प्रमुख विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का माध्यम इंग्लिश है, जिससे भारतीय छात्रों को भाषा संबंधी परेशानी कम होती है। साथ ही रूस की कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज को World Health Organization और National Medical Commission से मान्यता प्राप्त है। इससे छात्र भारत लौटकर आवश्यक परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद मेडिकल प्रैक्टिस कर सकते हैं।

एडमिशन के लिए क्या जरूरी है

रूस में एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल मानी जाती है। सामान्य तौर पर छात्रों के पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। इसके साथ NEET स्कोर कार्ड, पासपोर्ट और शैक्षणिक दस्तावेज जरूरी होते हैं।

पढ़ाई के दौरान छात्रों को रूसी भाषा की बेसिक ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि वे स्थानीय मरीजों से संवाद कर सकें और क्लिनिकल प्रैक्टिस बेहतर तरीके से समझ सकें।

विदेश में मेडिकल करियर का बढ़ता आकर्षण

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मेडिकल शिक्षा की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण विदेशों में MBBS का विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि छात्रों को किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता, NMC नियम, इंटर्नशिप व्यवस्था और लाइसेंसिंग प्रक्रिया की पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

अगर सही विश्वविद्यालय और सही योजना के साथ तैयारी की जाए, तो रूस भारतीय छात्रों के लिए मेडिकल करियर की मजबूत शुरुआत साबित हो सकता है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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