
इंडस यूनिवर्सिटी (Indus University) 8 से 12 जून 2026 तक “Prompting with Purpose: Designing Effective Instructions for LLM in Teaching, Research & Assessment” विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) आयोजित करने जा रही है।
यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के IIICT के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम हाइब्रिड और ऑनलाइन मोड में आयोजित होगा।
इस FDP का उद्देश्य शिक्षकों, शोधकर्ताओं और अकादमिक प्रोफेशनल्स को Large Language Models (LLMs) के व्यावहारिक उपयोग को समझाना है, ताकि वे शिक्षण, रिसर्च और मूल्यांकन प्रणाली में AI टूल्स का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
उच्च शिक्षा में AI Prompting पर रहेगा फोकस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स तेजी से शिक्षा क्षेत्र में अपनी जगह बना रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि AI का जिम्मेदारी और प्रभावी तरीके से उपयोग कैसे किया जाए।
इंडस यूनिवर्सिटी का यह FDP प्रतिभागियों को यह समझाने पर केंद्रित होगा कि सही तरीके से तैयार किए गए AI prompts किस तरह अकादमिक कार्यों को बेहतर बना सकते हैं।
कार्यक्रम में साहित्य समीक्षा (Literature Review) ऑटोमेशन, रिसर्च प्रश्न तैयार करना, AI आउटपुट का मूल्यांकन, अकादमिक असेसमेंट, प्लेगरिज्म डिटेक्शन और सिटेशन प्रैक्टिस जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इसके साथ ही AI hallucination detection, ethical AI usage, bias identification और शिक्षा में LLM आधारित टूल्स के जिम्मेदार उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में इन विषयों पर होगी चर्चा
आयोजकों के अनुसार, FDP में अकादमिक जरूरतों के अनुसार prompt design और AI-generated outputs के मूल्यांकन के तरीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान AI responses में benchmarking और hallucination detection, AI टूल्स के नैतिक उपयोग, plagiarism और citation से जुड़े पहलुओं, छात्रों के लिए AI उपयोग दिशा-निर्देश और संस्थागत AI policies जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
शिक्षा संस्थानों में AI-assisted learning systems के बढ़ते उपयोग को देखते हुए ऐसे फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
कार्यक्रम का नेतृत्व और आयोजन टीम
यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अकादमिक अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
प्रो. (डॉ.) राजीव माथुर, Director-IQAC, IIICT, DCS कार्यक्रम निदेशक की भूमिका निभाएंगे। वहीं डॉ. शेफाली परिहार, Assistant Professor, IIICT को कार्यक्रम संयोजक बनाया गया है।
इसके अलावा श्री कीर्तनकुमार राठौड़ और डॉ. अक्षरा दवे भी क्रमशः BSc-MSc और BCA-MCA विभागों की ओर से कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम 8 से 12 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड के माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 मई 2026 निर्धारित की गई है।
यह पहल उच्च शिक्षा में AI literacy, डिजिटल शिक्षण पद्धति और नई तकनीकों की व्यावहारिक समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




Add comment