
APG शिमला यूनिवर्सिटी (APG Shimla University) ने All India Forensic Science Entrance Test (AIFSET) के सहयोग से सफलतापूर्वक “फॉरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को फॉरेंसिक जांच और क्राइम सीन एनालिसिस की दुनिया से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
दो दिवसीय इस इमर्सिव प्रोग्राम में विभिन्न क्षेत्रों से आए फॉरेंसिक साइंस में रुचि रखने वाले छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया था ताकि छात्रों को कक्षा से बाहर फॉरेंसिक साइंस का वास्तविक अनुभव मिल सके। इसके तहत लाइव डेमो, लैब विजिट और इंटरैक्टिव लर्निंग सेशंस के माध्यम से छात्रों को फॉरेंसिक साइंस के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कैंपस में क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन सिमुलेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया, जांच तकनीकों और अपराध स्थल की जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका को करीब से देखा। प्रतिभागियों ने यूनिवर्सिटी की फॉरेंसिक साइंस लैब का भी दौरा किया, जहां उन्हें आपराधिक जांच में सबूतों की वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया समझाई गई।
छात्रों के लिए रिपोर्ट राइटिंग सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें जांच रिपोर्ट तैयार करने और विश्लेषणात्मक अवलोकन तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम में अकादमिक ओरिएंटेशन और प्रेजेंटेशन सेशन भी शामिल रहे, जिनमें फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई, करियर विकल्प और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण State Forensic Laboratory का शैक्षणिक दौरा रहा। यहां छात्रों को प्रोफेशनल फॉरेंसिक कार्य प्रणाली और वैज्ञानिक जांच में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक लैब सिस्टम्स को देखने का अवसर मिला।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को फॉरेंसिक साइंस की बहुआयामी प्रकृति से परिचित कराना था। फॉरेंसिक साइंस में बायोलॉजी, केमिस्ट्री, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन, डिजिटल फॉरेंसिक्स और विश्लेषणात्मक सोच जैसे विषयों का समावेश होता है, जो आधुनिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस इमर्सिव अनुभव ने भारत में फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में बढ़ती छात्र रुचि को भी उजागर किया। साइबर फॉरेंसिक्स, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, फॉरेंसिक बायोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी और डिजिटल एविडेंस एनालिसिस जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने को लेकर छात्रों में उत्साह देखने को मिला।
APG Shimla University ने कहा कि ऐसे एक्सपीरियंस आधारित लर्निंग प्रोग्राम छात्रों को थ्योरी और इंडस्ट्री के बीच का अंतर समझने में मदद करते हैं, जिससे वे फॉरेंसिक साइंस एजुकेशन और करियर को लेकर बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
यूनिवर्सिटी और AIFSET के बीच यह साझेदारी भारत में फॉरेंसिक साइंस एजुकेशन के बढ़ते विशेषीकृत पाठ्यक्रमों और संरचित एडमिशन प्रक्रिया की दिशा में बढ़ते रुझान को भी दर्शाती है।
कार्यक्रम का समापन छात्रों की सक्रिय भागीदारी, इंटरैक्टिव चर्चा और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों व फॉरेंसिक करियर जागरूकता से जुड़े प्रैक्टिकल सेशंस के साथ हुआ।




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