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सिर चढ़कर बोल रहा AI का जादू, छह महीने में उपयोगकर्ताओं की दोगुनी हुई तादाद

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यानी कृत्रिम बुद्धिमता का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या महज 6 महीने में दोगुनी हो गई है। खास बात यह है कि दक्ष समझे जाने वाले और वर्षों का अनुभव रखने वाले 75 फीसदी कर्मचारी भी इस तकनीक पर भरोसा जता रहे हैं। यानी दुनिया के बुद्धिमान माने जाने वाले कर्मचारी भी कार्यस्थलों पर एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह दावा किया गया है माइक्रोसॉफ्ट और लिंक्डइन की ‘वर्क ट्रेंड इंडेक्स 2024’ की सालाना रिपोर्ट में।

उक्त सर्वेक्षण में 31 देशों के 31 हज़ार लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट से खुलासा होता है कि जहाँ कई लोग एआई के आने के बाद नौकरियां जाने की आशंका से फिक्रमंद हैं, वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो यह मानते हैं कि इससे उनकी बेहतरी को एक राह मिल रही है। जहां 45 फीसदी कर्मचारी इस बात को लेकर फिक्रमंद दिखे कि एआई उनकी नौकरियों खा लेगा, वहीं लगभग कर्मचारियों का इतना ही फीसदी महज इसलिए नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं कि उन्हें बेहतर मौके मिल रहे हैं।

स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) दुनिया भर में लोगों के काम करने, नेतृत्व करने और यहाँ तक कि नियुक्ति के तरीके को भी प्रभावित कर रहा है। काम के अत्यधिक बोझ और उसकी गति से जूझते इंसान की निर्भरता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ रही है। यूँ ही नहीं सर्वेक्षण में 90 फीसदी लोगों ने माना है कि इससे उन्हें वक्त बचाने में मदद मिली। वहीं 85 फीसदी ने कहा कि वो अपने सबसे अहम कामों में ध्यान दे पाए, जबकि 84 फीसदी ने माना कि खुद को अधिक रचनात्मक महसूस किया। 

नियोक्ता और कंपनी के लीडर्स भी एआई कौशल के महत्व को तेजी से समझ रहे हैं। सर्वेक्षण में 66 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इन कौशल की कमी वाले किसी व्यक्ति को नौकरी पर नहीं रखेंगे। इसके अलावा 71 प्रतिशत ने एआई कौशल वाले अनुभवी उम्मीदवारों को काम पर रखने को प्राथमिकता दी। 77 प्रतिशत लोग यह भी मानते है कि एआई शुरूआती करियर की प्रतिभाओं को बड़ी ज़िम्मेदारी लेने में सक्षम बनाएगा। लीडर्स भी एआई के महत्व को व्यवसाय के लिए ज़रूरी समझ रहे हैं। तभी 79 प्रतिष्ठान लीडर की नज़रों में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए एआई को अपनाना महत्वपूर्ण है। 

यानी एआई की दीवानगी लोगों में तेजी से बढ़ रही है और इसके आने वाले दिनों में इंसानी ज़िन्दगी के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय दखल की सम्भावना है।        

  

   

Asmita Sarkar

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