
महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को ईंधन बचत उपाय लागू करने, कार-पूलिंग को बढ़ावा देने और अनावश्यक यात्रा कम करने के निर्देश दिए हैं। यह पहल ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
13 मई को जारी एक परिपत्र में उच्च शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देओलांकर ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और क्षेत्रीय संयुक्त निदेशकों को निर्देश दिया कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान ईंधन की खपत कम करने और गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
विभाग ने कहा कि बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि शैक्षणिक संस्थान अपने दैनिक कामकाज में टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल तरीकों को अपनाएं।
नई गाइडलाइन के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को साझा परिवहन व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही “कार-पूलिंग” को बढ़ावा दिया जाए ताकि कैंपस में निजी वाहनों की संख्या कम हो सके। संस्थानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं को सीमित करें और जहां संभव हो वहां ऑनलाइन बैठकें तथा वर्चुअल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग करें।
परिपत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि कैंपस में बिजली की अधिक खपत करने वाले उपकरणों के अनावश्यक उपयोग को कम किया जाए और ऊर्जा संरक्षण से जुड़े उपाय लागू किए जाएं। अधिकारियों को प्रशासनिक और यात्रा संबंधी फिजूल खर्चों से बचने के लिए भी कहा गया है।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिपत्र में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया गया है ताकि स्थिरता और ऊर्जा संरक्षण के लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से हासिल किया जा सके।
इसके अलावा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को छात्रों के बीच ईंधन संरक्षण, जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग और पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यवहार को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह पहल राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में टिकाऊ व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ परिवहन और ऊर्जा खपत से जुड़े संचालन खर्चों को भी कम किया जा रहा है।




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