
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट यूजी पुनर्परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन भी शामिल रहे, जो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़ी सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित उच्चस्तरीय संचालन समिति के अध्यक्ष हैं।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, एनटीए के महानिदेशक, एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य फोकस परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और छात्रों के लिए बेहतर परीक्षा माहौल सुनिश्चित करने पर रहा।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए अतिरिक्त कदमों की जानकारी दी। इसमें परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने, तकनीकी मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने और परीक्षा संचालन को अधिक पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को बेहतर सुविधाएं और शांत वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है ताकि परीक्षार्थी बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।
21 जून को आयोजित होगी पुनर्परीक्षा
नीट यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के 550 शहरों में स्थित 5400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर कराई जाएगी। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजन को देखते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की ओर से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के बाद इस बार निगरानी और संचालन व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।




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