
NEET-UG परीक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों पर व्यापक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से पिछले आठ वर्षों में हुई ऐसी घटनाओं पर एक विस्तृत श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने का आग्रह किया है।
दिग्विजय सिंह, जो शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि छात्रों के बीच बढ़ती चिंता और अविश्वास को दूर करने के लिए सरकार को स्पष्ट जानकारी सामने लानी चाहिए।
छात्रों के भरोसे को मजबूत करने की जरूरत
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में छात्रों ने उनसे संपर्क कर अपनी चिंताएं साझा की हैं। उन्होंने लिखा कि NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
उनके अनुसार, छात्रों के तनाव की एक बड़ी वजह यह है कि पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक मामलों की जांच किस तरह की गई, इस संबंध में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों और मामलों की वर्तमान स्थिति को लेकर स्पष्टता का अभाव बना हुआ है।
जांच और कार्रवाई का सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं
दिग्विजय सिंह ने पत्र में कहा कि फिलहाल पेपर लीक से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई का कोई समेकित सार्वजनिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि आधिकारिक जानकारी के अभाव में अफवाहें और अपुष्ट दावे तेजी से फैलते हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उनका मानना है कि यदि सरकार सभी मामलों की स्थिति सार्वजनिक कर दे, तो इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
NEET-UG 2024 मामले का भी किया जिक्र
राज्यसभा सांसद ने अपने पत्र में NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि हजारीबाग से जुड़े कथित मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया की वर्तमान स्थिति को लेकर छात्रों में कई सवाल हैं।
सिंह ने यह भी दावा किया कि CBI द्वारा कथित तौर पर एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने की खबरों ने छात्रों के बीच नई चिंताएं पैदा की हैं। उनके अनुसार, जब किसी मामले की जांच से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती, तो छात्रों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा होती हैं।
श्वेत पत्र में क्या-क्या शामिल हो?
दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया है कि केंद्र सरकार एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें पिछले आठ वर्षों के दौरान NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामलों का पूरा विवरण हो।
उन्होंने कहा कि इसमें प्रत्येक मामले में की गई जांच, गिरफ्तार किए गए आरोपियों, दायर आरोपपत्रों या क्लोजर रिपोर्ट, जांच की वर्तमान स्थिति और आरोपियों की कानूनी स्थिति का उल्लेख किया जाना चाहिए। साथ ही यदि किसी मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है, तो उसके पीछे के कारणों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उनका मानना है कि ऐसी जानकारी सार्वजनिक होने से छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि सरकार और जांच एजेंसियों ने इन मामलों में क्या कार्रवाई की है।
NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद के केंद्र में
गौरतलब है कि NTA द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी। बाद में पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है।
परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों को अब दोबारा परीक्षा का इंतजार है। NTA ने पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित करने की घोषणा की है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और जांच की पारदर्शिता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध जांच न केवल छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि देश की उच्च शिक्षा और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।




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