Edinbox Hindi
HIMSR को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, MBBS और PG मेडिकल सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ

HIMSR को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, MBBS और PG मेडिकल सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ

HIMSR को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, MBBS और PG मेडिकल सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ

मेडिकल शिक्षा से जुड़े हजारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संस्थान को एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद HIMSR में 150 एमबीबीएस और 49 पीजी मेडिकल सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट की इस अंतरिम राहत से न केवल संस्थान को प्रशासनिक स्पष्टता मिली है, बल्कि उन छात्रों को भी राहत मिली है जो आगामी मेडिकल काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि जामिया हमदर्द (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी) द्वारा HIMSR के पक्ष में संबद्धता संबंधी सहमति (Deemed Affiliation) मौजूद मानी जाएगी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अंतिम निर्णय तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी।

कोर्ट ने कहा कि संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाधित नहीं होनी चाहिए। इसलिए मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए HIMSR को आवश्यक अनुमति प्रदान की जा रही है।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला HIMSR के प्रबंधन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर हमदर्द परिवार की विभिन्न शाखाओं के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। संस्थान के संचालन और नियंत्रण को लेकर मतभेद बढ़ने के बाद जामिया हमदर्द ने HIMSR को दी गई संबद्धता संबंधी सहमति वापस लेने का निर्णय लिया था।

जामिया हमदर्द ने अपने फैसले के समर्थन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और अन्य प्रशासनिक आपत्तियों का हवाला दिया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की कई प्रक्रियाएं प्रभावित होने लगीं।

संबद्धता को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता का असर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी पड़ा। संस्थान को NMC पोर्टल तक पहुंच और अन्य आवश्यक अनुमतियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे छात्रों के प्रवेश और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई थी।

जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

मामला तब गंभीर हुआ जब जनवरी 2026 में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। छात्रों के भविष्य को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उस समय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को निर्देश दिया था कि HIMSR की 49 पीजी सीटों को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

अदालत का मानना था कि प्रशासनिक विवाद की वजह से छात्रों का नुकसान नहीं होना चाहिए और सीटें खाली नहीं रहनी चाहिए।

इसके बाद फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने 49 पीजी छात्रों के दाखिले को मान्यता देते हुए यह माना था कि संस्थान के पक्ष में संबद्धता की सहमति उपलब्ध है। हालांकि उस समय भी अदालत ने कहा था कि यह व्यवस्था अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।

2026-27 सत्र के लिए भी जारी रहेगी व्यवस्था

अब सुप्रीम कोर्ट ने इसी अंतरिम व्यवस्था को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भी लागू कर दिया है। इसके तहत HIMSR अपनी 150 एमबीबीएस सीटों और 49 पोस्ट ग्रेजुएट सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि पहले से दाखिला ले चुके 49 पीजी छात्रों को नामांकन संख्या जारी की जाए ताकि उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

NMC पोर्टल तक पहुंच बहाल करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को HIMSR की NMC पोर्टल तक पहुंच बहाल करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही संस्थान द्वारा प्रस्तुत आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों और रिकॉर्ड को स्वीकार करने के लिए भी कहा गया है।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मेडिकल कॉलेजों के संचालन, सीट आवंटन और छात्रों के पंजीकरण की कई प्रक्रियाएं NMC पोर्टल के माध्यम से ही संचालित होती हैं।

छात्रों के लिए राहत भरा फैसला

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह आदेश छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने वाला कदम है। यदि प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगती, तो मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो सकती थी।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद HIMSR में 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। हालांकि संस्थान के प्रबंधन और संबद्धता से जुड़ा मूल विवाद अभी भी न्यायिक विचाराधीन है और अंतिम फैसला आने तक वर्तमान व्यवस्था अंतरिम रूप से लागू रहेगी।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed