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खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

पटना में चर्चित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक और लोकप्रिय शिक्षक खान सर (फैजल खान) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद मामले में अगली सुनवाई तक खान सर को राहत मिल गई है।

जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया।

यह मामला उस गोलीबारी की घटना से जुड़ा है, जो पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के आसपास हुई थी। इस मामले में पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, खान सर की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया है।

सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर भी हुई सुनवाई

इसी मामले में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षाकर्मी दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। उनके अधिवक्ता ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन (इंजरी रिपोर्ट) भी तलब किया है।

अदालत ने पुलिस से मांगी केस डायरी

कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद से जुड़े इस प्रकरण में अदालत ने जांच से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसी मामले में ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

पुलिस द्वारा अदालत के समक्ष केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अब अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लेगी।

वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ था केस

बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी वीडियो को आधार बनाते हुए कदमकुआं थाना पुलिस ने वर्ष 2026 में कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया। प्राथमिकी में फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों को नामजद किया गया है।

पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

बचाव पक्ष ने लगाया साजिश का आरोप

सुनवाई के दौरान खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत को बताया कि घटना के बाद खान ग्लोबल स्टडीज के एक कर्मचारी ने दूसरे कोचिंग संस्थान के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका दावा है कि इसी के जवाब में विरोधी पक्ष ने प्रतिशोध की भावना से दूसरी एफआईआर दर्ज करवाई।

बचाव पक्ष का कहना है कि आत्मरक्षा में की गई कथित हवाई फायरिंग को आधार बनाकर सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ जानबूझकर खान सर को भी मामले में शामिल किया गया। अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर खान सर के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष और ठोस साक्ष्य नहीं है तथा उन्हें अनावश्यक रूप से मामले में घसीटा गया है।

आगे क्या?

फिलहाल अदालत द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने से खान सर को अंतरिम राहत मिली है। हालांकि, मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में अदालत पुलिस की केस डायरी, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय ले सकती है।

यह मामला बिहार के कोचिंग उद्योग और छात्रों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की प्रगति पर टिकी हुई है।

Asmita Sarkar

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