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NTA ने NEET, JEE Main और CUET की परीक्षा फीस से 6 साल में कमाए 3,500 करोड़ रुपये

NTA ने NEET, JEE Main और CUET की परीक्षा फीस से 6 साल में कमाए 3,500 करोड़ रुपये

NTA ने NEET, JEE Main और CUET की परीक्षा फीस से 6 साल में कमाए 3,500 करोड़ रुपये

देश की प्रमुख प्रवेश और पात्रता परीक्षाएं आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह परीक्षा नहीं, बल्कि एजेंसी की आय और खर्च से जुड़ी जानकारी है। संसद की एक स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले छह वर्षों में NTA ने विभिन्न परीक्षाओं के जरिए 3,512.98 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जबकि इसी अवधि में परीक्षा संचालन और अन्य व्यवस्थाओं पर 3,064.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सभी खर्चों के बाद एजेंसी के पास करीब 448 करोड़ रुपये का सरप्लस बचा।

रिपोर्ट के बाद यह सवाल उठने लगा है कि जब एजेंसी के पास पर्याप्त अतिरिक्त राशि उपलब्ध है, तो परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए इसका व्यापक उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा।

संसदीय समिति ने क्या कहा?

संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि NTA को अपने सरप्लस फंड का उपयोग परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और अधिक भरोसेमंद बनाने में करना चाहिए। समिति का मानना है कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी, तकनीकी ढांचे, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल निजी एजेंसियों (वेंडर्स) पर नियंत्रण को और मजबूत करने की जरूरत है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह वर्षों में एजेंसी के पास औसतन हर साल लगभग 74.5 करोड़ रुपये का सरप्लस रहा है। समिति का कहना है कि इस राशि का उपयोग परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों को कम करने और तकनीकी सुधारों पर किया जाना चाहिए।

किन परीक्षाओं से होती है NTA की सबसे ज्यादा कमाई?

NTA देश की कई बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करती है। इनमें NEET UG, JEE Main, CUET UG, CUET PG, UGC NET, CMAT, GPAT, CSIR-UGC NET, ICAR और NCHM JEE जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।

इन परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र आवेदन करते हैं और निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करते हैं। यही फीस एजेंसी की आय का सबसे बड़ा स्रोत मानी जाती है।

NEET से होती है सबसे अधिक आय

NTA की ओर से आयोजित परीक्षाओं में NEET UG सबसे बड़ी परीक्षा है। वर्ष 2026 में इस परीक्षा के लिए करीब 22.79 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया था। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से 1,700 रुपये, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग से 1,600 रुपये, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग (PwD) श्रेणी के उम्मीदवारों से 1,000 रुपये आवेदन शुल्क लिया गया। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण केवल NEET परीक्षा से ही NTA को हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान लगाया जाता है।

इसके अलावा JEE Main और CUET जैसी परीक्षाओं में भी लाखों छात्र शामिल होते हैं, जिससे एजेंसी की कुल आय में बड़ा योगदान मिलता है।

परीक्षा आयोजन पर भी होता है भारी खर्च

हालांकि NTA की आय हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन परीक्षा आयोजित करने में भी बड़ी लागत आती है। एजेंसी को देशभर में परीक्षा केंद्रों की बुकिंग, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित छपाई और वितरण, बायोमेट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर सेवाओं, साइबर सुरक्षा, परीक्षा कर्मियों के मानदेय और विशेषज्ञों की सेवाओं पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है।

इसी कारण एजेंसी की कुल आय का बड़ा हिस्सा परीक्षा संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में खर्च हो जाता है।

क्यों अहम है यह रिपोर्ट?

पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर सुरक्षा, पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में संसदीय समिति की यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिति का मानना है कि NTA के पास उपलब्ध अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी व्यवस्था और मजबूत परीक्षा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में किया जाए, ताकि भविष्य में परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता और मजबूत हो सके।

देशभर में हर साल करोड़ों छात्र NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना न केवल छात्रों के हित में है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता के लिए भी बेहद जरूरी माना जा रहा है।

Asmita Sarkar

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