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AI और STEM टैलेंट में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल, BCG रिपोर्ट में मिली बड़ी उपलब्धि

AI और STEM टैलेंट में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल, BCG रिपोर्ट में मिली बड़ी उपलब्धि

AI और STEM टैलेंट में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल, BCG रिपोर्ट में मिली बड़ी उपलब्धि

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दुनिया की प्रमुख मैनेजमेंट कंसल्टिंग कंपनी Boston Consulting Group (BCG) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब AI और STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) टैलेंट के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक स्तर पर हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स की आवाजाही में गिरावट दर्ज की गई है।

BCG Top Talent Tracker Q2 2026 के मुताबिक, भारत का वैश्विक AI और STEM प्रतिभा में योगदान लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि देश न केवल बड़ी संख्या में कुशल पेशेवर तैयार कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी प्रतिभा की मांग बढ़ रही है।

AI टैलेंट में भारत की मजबूत बढ़त

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के कुल मोबाइल AI टैलेंट का लगभग 6 प्रतिशत और STEM टैलेंट का करीब 7 प्रतिशत भारत से जुड़ा हुआ है। यह आंकड़ा बताता है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

साल 2025 के दौरान भारत ने AI टैलेंट शेयर में 1.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की, जो प्रमुख देशों में सबसे अधिक रही। इसी अवधि में हाई-स्किल्ड टैलेंट का हिस्सा 0.2 प्रतिशत, STEM टैलेंट 0.7 प्रतिशत और रिसर्च टैलेंट 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

वैश्विक मंदी के बीच भारत ने दिखाई मजबूती

रिपोर्ट की खास बात यह है कि जहां दुनिया भर में कुशल पेशेवरों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही धीमी पड़ी, वहीं भारत ने इस दौरान अपनी स्थिति मजबूत की।

BCG के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में लगभग 3.7 मिलियन हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स ने देशों के बीच स्थान बदला था। यह संख्या 2025 में घटकर 3.3 मिलियन रह गई, यानी करीब 11.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इस दौरान STEM विशेषज्ञों की वैश्विक मोबिलिटी में 13 प्रतिशत, AI विशेषज्ञों में 12 प्रतिशत और रिसर्च प्रोफेशनल्स में 19 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद भारत ने AI और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।

प्रवासी भारतीयों की वापसी से मिला फायदा

BCG का मानना है कि भारत की इस प्रगति का एक बड़ा कारण विदेशों में कार्यरत कई उच्च कौशल वाले भारतीय पेशेवरों की वापसी भी है। इससे देश का घरेलू टैलेंट पूल और मजबूत हुआ है।

हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत अब भी दुनिया के सबसे बड़े नेट एक्सपोर्टर ऑफ हाई-स्किल्ड टैलेंट देशों में शामिल है। यानी बड़ी संख्या में भारतीय विशेषज्ञ विदेशों में काम कर रहे हैं और वैश्विक तकनीकी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इनोवेशन हब बनाने पर दिया गया जोर

BCG इंडिया के ग्लोबल एडवांटेज प्रैक्टिस के मैनेजिंग डायरेक्टर और पार्टनर अभिषेक भाटिया ने कहा कि भारत आज लगभग हर प्रमुख टैलेंट श्रेणी में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारों को राज्य और शहर स्तर पर इनोवेशन हब विकसित करने चाहिए, ताकि उच्च कौशल वाले पेशेवरों को देश में बेहतर अवसर मिल सकें और वैश्विक प्रतिभा को भी आकर्षित किया जा सके।

रिसर्च टैलेंट पर भी बढ़ा फोकस

BCG ने इस बार अपनी रिपोर्ट में पहली बार PhD डिग्री धारकों को अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वर्ग भविष्य में विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रिपोर्ट के लिए वर्ष 2025 के अंत तक 200 से अधिक स्थानों पर मौजूद करीब 221 मिलियन हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स के रियल-टाइम मोबिलिटी डेटा का विश्लेषण किया गया।

AI की वैश्विक दौड़ में बढ़ रही है प्रतिस्पर्धा

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के कई देशों में इमिग्रेशन नियम सख्त होने के बावजूद AI विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। BCG के विश्लेषण के अनुसार, जिन देशों के पास किसी विशेष तकनीक से जुड़ा मजबूत टैलेंट बेस होता है, उनके उस तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की संभावना 17 गुना अधिक होती है।

यही कारण है कि आज अधिकांश देश AI, रिसर्च और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञों को आकर्षित करने और उन्हें अपने यहां बनाए रखने के लिए नई नीतियों पर काम कर रहे हैं।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?

भारत का AI और STEM टैलेंट के क्षेत्र में शीर्ष तीन देशों में शामिल होना केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता का संकेत भी है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान और नई तकनीकों में बढ़ते निवेश के बीच यह उपलब्धि भविष्य में रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए अवसर पैदा कर सकती है। यदि देश इसी गति से कौशल विकास, शोध और तकनीकी शिक्षा पर निवेश बढ़ाता है, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक AI इकोसिस्टम में और मजबूत भूमिका निभा सकता है।

Asmita Sarkar

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