
भारत में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही खेती में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में किसानों के लिए शुरू किया गया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्लेटफॉर्म महाविस्तार-AI (MahaVISTAAR-AI) अब खेती से जुड़े फैसलों में बड़ी भूमिका निभा रहा है। खास बात यह है कि नागपुर जिले के एक लाख से अधिक किसान इस ऐप से जुड़ चुके हैं, जबकि पूरे राज्य में इसके डाउनलोड का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच गया है।
मानसून के बीच किसानों का नया डिजिटल साथी बना महाविस्तार-AI
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा देशभर में मानसून की प्रगति की जानकारी दिए जाने के बीच महाराष्ट्र के किसान मौसम और खेती से जुड़ी जानकारी के लिए अब पारंपरिक तरीकों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। राज्य सरकार के AI आधारित ऐप महाविस्तार-AI ने किसानों के लिए मौसम, फसल प्रबंधन और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, विदर्भ क्षेत्र में नागपुर इस ऐप के इस्तेमाल में सबसे आगे है। अकेले जिले के करीब 1.06 लाख किसानों ने इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है। वहीं, पूरे महाराष्ट्र में ऐप के डाउनलोड की संख्या 10 लाख से अधिक हो चुकी है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
मराठी में बोलकर मिल रही मौसम और खेती की जानकारी
महाविस्तार-AI की सबसे बड़ी खासियत इसका वॉयस-इनेबल्ड इंटरफेस है। किसान मराठी भाषा में बोलकर सीधे सवाल पूछ सकते हैं, जैसे अगले कुछ दिनों में बारिश होगी या नहीं, और उन्हें तुरंत जवाब मिल जाता है। इससे उन किसानों को भी सुविधा मिल रही है जो स्मार्टफोन का सीमित उपयोग जानते हैं या पढ़ने-लिखने में सहज नहीं हैं।
यदि फसल में किसी प्रकार का कीड़ा या बीमारी दिखाई देती है, तो किसान खेत से ही उसकी तस्वीर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें बीमारी की पहचान के साथ उचित कीटनाशक और फसल प्रबंधन से जुड़ी सलाह भी मिल जाती है। इससे कृषि कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हुई है।
एक ही ऐप में कई जरूरी सुविधाएं
महाराष्ट्र सरकार ने 21 मई 2025 को जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना (PoCRA) के सहयोग से महाविस्तार-AI लॉन्च किया था। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों को मौसम का पूर्वानुमान, फसल संबंधी सलाह, बाजार भाव और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।
किसान अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से जिला, तालुका और गांव का चयन कर आसानी से इस ऐप पर पंजीकरण कर सकते हैं।
बुवाई से कटाई तक मिल रही विशेषज्ञ सलाह
महाविस्तार-AI केवल मौसम की जानकारी देने तक सीमित नहीं है। यह किसानों को बुवाई का सही समय तय करने, सिंचाई की योजना बनाने, फसल में रोग और कीट नियंत्रण, पोषण प्रबंधन तथा कटाई के बाद की प्रक्रिया तक हर चरण में मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित ऐसे प्लेटफॉर्म जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों को समय पर सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। इससे उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने और मौसम से जुड़े जोखिमों को घटाने में भी सहायता मिल सकती है।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ता महाराष्ट्र
महाविस्तार-AI की बढ़ती पहुंच यह संकेत देती है कि ग्रामीण भारत में भी तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। खासकर स्थानीय भाषा और वॉयस सपोर्ट जैसी सुविधाओं ने उन किसानों को भी डिजिटल सेवाओं से जोड़ना शुरू किया है, जो अब तक तकनीकी जटिलताओं के कारण इनसे दूर थे। आने वाले समय में इस तरह के AI आधारित प्लेटफॉर्म खेती को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।




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