
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी ने अपनी परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 20 गीगावाट (GW) के आंकड़े को पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ AGEL देश की पहली नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी बन गई है जिसने मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के जरिए यह मुकाम हासिल किया है।
कंपनी ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता हासिल करने और नेट-जीरो लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सालाना 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन
अदाणी ग्रीन के अनुसार, कंपनी अब हर साल 52 अरब यूनिट (52 बिलियन यूनिट) से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है। यह भारत की कुल वार्षिक बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का कहना है कि यह उत्पादन मुंबई और नई दिल्ली जैसे दो बड़े महानगरों की संयुक्त वार्षिक बिजली आवश्यकता के करीब है।
AGEL के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने इस उपलब्धि को कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, अनुशासित परियोजना निष्पादन और तकनीकी क्षमता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।
एक दशक में पहली परियोजना से 20 गीगावाट तक का सफर
AGEL ने वर्ष 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में अपनी पहली बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना शुरू की थी। करीब एक दशक के भीतर कंपनी ने 20 गीगावाट से अधिक परिचालन क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया। इसे भारत में ग्रीनफील्ड आधार पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार की सबसे तेज उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
यह उपलब्धि उस समय भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले महीने लंदन में आयोजित Adani Green Energy Dialogue के दौरान सागर अदाणी ने ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और 24×7 विश्वसनीय स्वच्छ बिजली आपूर्ति के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज की भूमिका पर जोर दिया था।
वर्तमान पोर्टफोलियो में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं का मजबूत संतुलन
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 5,051 मेगावाट नई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी। कंपनी का दावा है कि यह चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक वर्ष में जोड़ी गई सबसे अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है।
वर्तमान में AGEL के परिचालन पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है। इसके अलावा करीब 2.7 गीगावाट पवन ऊर्जा तथा 3.3 गीगावाट पवन-सौर हाइब्रिड परियोजनाएं भी संचालित हो रही हैं। यह विविध पोर्टफोलियो बिजली उत्पादन को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने में मदद करता है।
बैटरी स्टोरेज में भी तेजी से बढ़ा रही निवेश
सिर्फ बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में भी AGEL तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी ने 3.55 गीगावाट-घंटे (GWh) की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System-BESS) की तैनाती शुरू की है। कंपनी के अनुसार यह चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी स्टोरेज तैनातियों में से एक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे भारत के बिजली मिश्रण में सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ेगी, वैसे-वैसे बैटरी स्टोरेज की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जाएगी। इससे दिन-रात और मौसम के बदलाव के बावजूद लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
2030 तक 50 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
AGEL ने आने वाले वर्षों के लिए भी महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में 10 GWh अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज जोड़ने की तैयारी कर रही है। अगले पांच वर्षों में बैटरी स्टोरेज क्षमता को बढ़ाकर 50 GWh तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
साथ ही कंपनी 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस विस्तार का सबसे बड़ा केंद्र गुजरात के कच्छ जिले में स्थित खावड़ा परियोजना होगी, जिसे दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों में गिना जाता है। यहां सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण तकनीकों का एकीकृत विकास किया जा रहा है।
भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में अहम कदम
20 गीगावाट परिचालन क्षमता पार करना केवल एक कॉरपोरेट उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग, ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे लक्ष्यों को देखते हुए बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज में निवेश आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। AGEL की यह उपलब्धि इसी परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।




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