
साइबर अपराध भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत में साइबर अपराध की घटनाओं में वर्ष 2021 की तुलना में 2022 में 113.7 प्रतिशत तथा वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में 60.9 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गयी है। और यह आंकड़ा किसी निजी संस्थान का नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का है।
सरकारी आंकड़ों के ही अनुसार, इस वर्ष मई में प्रति दिन 7,000 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की गईं हैं। मई 2024 तक 7,40,957 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि 2023 में 15,56,218 शिकायतें दर्ज की गईं। 2022 में 9,66,790 मामले दर्ज किए गए थे। साइबर अपराध के मामलों में इस तेज गति से वृद्धि के मद्देनज़र ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति विकसित करने के लिए विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया है।
उक्त जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, ‘उच्च स्तरीय समिति भारत को लक्षित दक्षिण पूर्व एशिया से होने वाले साइबर अपराध को कम करने और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों से होने वाले ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक लचीला पारिस्थितिकी तंत्र बना रही है। इन व्यापक उपायों को लागू करने के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय करेगी’.
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी आई4सी का कहना है कि भारत को लक्ष्य करके किये जाने वाले साइबर अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है और यह दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र से शुरू हो रही हैं। कंबोडिया, म्यांमार और लाओस जैसे देशों से इस तरह के साइबर अपराध के मामले सामने आ रहे हैं। आई4सी के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि प्रतिदिन निवेश और ट्रेडिंग घोटाले, डिजिटल गिरफ्तारी तथा डेटिंग मामलों से संबंधित साइबर अपराध की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी से डिजिटल गिरफ्तारी (4599), ट्रेडिंग घोटाला (20043), निवेश घोटाला (62687) और रोमांस डेटिंग घोटाला (1725) सहित घोटालों की विभिन्न श्रेणियों के तहत कम से कम 10,000 एफआईआर दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 120,30,55,853 रुपये उड़ा लिए। इसी तरह, ट्रेडिंग घोटाले के जरिए 1420,48,33,765 रुपये, निवेश घोटाले के जरिए 222,58,19,236 रुपये और रोमांस डेटिंग घोटाले के जरिए 13,23,09,142 रुपये उड़ाए गए हैं।
श्री कुमार ने बताया कि, सरकार ने पिछले चार महीनों में तीन लाख से अधिक म्यूल खाते फ्रीज कर दिए हैं और लगभग 595 ऐप्स ब्लॉक कर दिए हैं। पांच लाख से अधिक सिम कार्ड को ब्लॉक कर दिए गए हैं। गृह मंत्रालय साइबर मामलों पर अंकुश लगाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।




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