
कोलकाता स्थित अदामास यूनिवर्सिटी (Adamas University) और इंडियन म्यूजियम (Indian Museum) के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई 2026 को ‘विकसित भारत: इतिहास, विरासत और आगे की राह’ विषय पर एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमिका पर चर्चा करना है और यह समझना है कि किस प्रकार इतिहास और विरासत एक विकसित एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं।
यह कार्यक्रम 10 जुलाई 2026 को दोपहर 3:00 बजे से इंडियन म्यूजियम, कोलकाता के एग्जीबिशन स्पेस (हॉल-2) में आयोजित होगा। इसमें शिक्षा, विरासत संरक्षण और सार्वजनिक सेवा से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भारत के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फ्रांस के कोलकाता स्थित महावाणिज्यदूत (Consul General) श्री थियरी मोरेल होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में अदामास यूनिवर्सिटी के माननीय चांसलर प्रो. (डॉ.) समीत रे, इंडियन म्यूजियम, कोलकाता के ट्रस्टी प्रो. आलोक घोष, INTACH Conservation Institute के निदेशक जी. एम. कपूर, अदामास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सुरंजन दास तथा इंडियन म्यूजियम, कोलकाता के निदेशक डॉ. सायन भट्टाचार्य सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण अदामास यूनिवर्सिटी और इंडियन म्यूजियम, कोलकाता के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होगा। इस समझौते का उद्देश्य हेरिटेज और म्यूजियम स्टडीज के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना है।
आयोजकों ने इस संवाद सत्र में कक्षा 12 के विद्यार्थियों, हाल ही में कक्षा 12 में प्रवेश लेने वाले छात्रों, स्नातक (UG) विद्यार्थियों तथा हाई स्कूल के सामाजिक विज्ञान शिक्षकों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। कार्यक्रम को संवाद, विचार-विमर्श और सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां प्रतिभागियों को इतिहास, विरासत और आधुनिक भारत के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।




Add comment