
फगवाड़ा: जीएनए यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी में “हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म शिक्षा में आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE) को नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों के साथ एकीकृत करना” विषय पर छह दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 6 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें देशभर के शिक्षाविद और शिक्षक हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म शिक्षा के नवीनतम रुझानों और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ वक्ता आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE), नवाचार आधारित शिक्षण, पाठ्यक्रम निर्माण, मूल्यांकन प्रणाली तथा हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म शिक्षा में तकनीक के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं।
छह दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आउटकम-बेस्ड एजुकेशन की मूल अवधारणा, फ्लिप्ड क्लासरूम, अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning), सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) टूल्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वर्चुअल रियलिटी (VR), पाठ्यक्रम समन्वय (Curriculum Alignment), उद्योग जगत की अपेक्षाएं, मूल्यांकन के लिए रूब्रिक्स (Rubrics), सीखने के परिणामों का आकलन तथा OBE के सफल क्रियान्वयन से जुड़ी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
विश्वविद्यालय ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को संवादात्मक चर्चाओं में शामिल होने, अपने विचार साझा करने, देशभर के शिक्षकों से जुड़ने और विभिन्न शैक्षणिक विशेषज्ञों से सीखने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में प्रो. रणबीर सिंह, प्रो. प्रशांत कुमार गौतम, प्रो. अंकुश अंबरदार, प्रो. सुनीता बधवार, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. संजीव कुमार और डॉ. शेफ गुरमिंदर सिंह ढिल्लों हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा कर रहे हैं।
जीएनए यूनिवर्सिटी के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म शिक्षा में आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE) को नवाचार और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों के साथ जोड़कर शिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाना है।




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