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NEET UG 2027: CBT मोड में होगी परीक्षा, 500 शहरों में बनेंगे 1,000 सेंटर; NTA ने तैयार किया नया प्लान

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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में वर्ष 2027 से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि NEET UG 2027 का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया जाएगा। अब इस बदलाव को लागू करने की दिशा में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NTA ने शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया है कि CBT मोड में परीक्षा कराने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार, परीक्षा एक ही दिन की बजाय कई दिनों में आयोजित की जा सकती है, ताकि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा का अवसर मिल सके।

500 शहरों में बनेंगे 1,000 परीक्षा केंद्र

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, NTA ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि NEET UG 2027 के लिए देशभर के 500 शहरों में करीब 1,000 कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इनमें से बड़ी संख्या केंद्रीय विद्यालय (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) परिसरों में स्थापित किए जाने की योजना है।

रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा 5 से 6 दिनों तक अलग-अलग चरणों में आयोजित की जा सकती है। हर दिन लगभग 5 लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा देने की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, NTA ने अभी तक NEET UG 2027 का आधिकारिक परीक्षा कार्यक्रम या अंतिम संचालन योजना जारी नहीं की है। विस्तृत दिशा-निर्देश परीक्षा अधिसूचना के साथ जारी किए जाएंगे।

अभी कैसे होती है NEET UG परीक्षा?

वर्तमान में NEET UG का आयोजन ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में एक ही दिन कराया जाता है। परीक्षा में हर वर्ष 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इसके लिए देशभर के सैकड़ों शहरों में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं।

CBT मोड लागू होने के बाद परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और उम्मीदवारों के प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

NTA में भी होंगे बड़े सुधार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल परीक्षा का स्वरूप ही नहीं बदलेगा, बल्कि NTA के संगठनात्मक ढांचे, तकनीकी प्रणाली और परीक्षा संचालन व्यवस्था में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि एजेंसी में प्रशासनिक स्तर से लेकर तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर तक कई बदलाव लागू किए जाएंगे। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर हो रहा काम

NEET परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित बदलावों की पृष्ठभूमि NEET UG 2024 से जुड़े विवादों के बाद तैयार हुई। उस समय परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने ISRO के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी।

समिति ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए 101 सिफारिशें सरकार को सौंपी थीं। सरकार और NTA इन्हीं सिफारिशों के आधार पर चरणबद्ध सुधार लागू कर रहे हैं। इनमें तकनीकी सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों का आधुनिकीकरण, प्रशासनिक सुधार और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने जैसे सुझाव शामिल हैं।

CBT मोड से क्या होंगे संभावित फायदे?

विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू होने से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत हो सकती है और परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बढ़ सकती है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में परीक्षा कराने से परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम होगी और व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेंगी।

हालांकि, इसके साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि देश के सभी क्षेत्रों में पर्याप्त कंप्यूटर लैब, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को असमान अवसर का सामना न करना पड़े।

अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?

चूंकि NEET UG 2027 अभी दूर है, इसलिए उम्मीदवारों को फिलहाल परीक्षा पैटर्न में संभावित बदलावों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। NTA की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना, सूचना बुलेटिन और दिशा-निर्देशों पर नजर रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा।

CBT मोड लागू होने की स्थिति में उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर आधारित मॉक टेस्ट और ऑनलाइन अभ्यास पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

 

Asmita Sarkar

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