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India's first nurse-led hospital to be set up in Bengaluru; nurses will now also take charge of hospital operations 

भारत का पहला Nurse-Led Hospital बनेगा बेंगलुरु में, अब अस्पताल के संचालन की कमान भी संभालेंगी नर्सें

India's first nurse-led hospital to be set up in Bengaluru; nurses will now also take charge of hospital operations 

भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में नारायण हेल्थ (Narayana Health) के चेयरमैन और संस्थापक डॉ. देवी शेट्टी ने देश का पहला नर्स-नेतृत्व (Nurse-Led) अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत नर्सें केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अस्पताल के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

यह अत्याधुनिक स्मार्ट और पेपरलेस अस्पताल बेंगलुरु के बनशंकरी इलाके में बनाया जाएगा। इसकी जानकारी डॉ. देवी शेट्टी ने नारायण हेल्थ के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक वीडियो के माध्यम से दी।

अस्पताल के संचालन में निभाएंगी नेतृत्व की भूमिका

पारंपरिक अस्पतालों में नर्सों की भूमिका मुख्य रूप से मरीजों की देखभाल तक सीमित रहती है। लेकिन इस नए मॉडल में नर्सें अस्पताल के ऑपरेशनल मैनेजमेंट, प्रशासनिक निर्णय, गवर्नेंस और अन्य प्रबंधन संबंधी कार्यों की भी जिम्मेदारी निभाएंगी।

इस पहल का उद्देश्य नर्सों को केवल स्वास्थ्यकर्मी के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभावी नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है। लंबे समय में उन्हें अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैसे शीर्ष नेतृत्व पदों के लिए तैयार किया जाएगा।

IIM बेंगलुरु में मिलेगा मैनेजमेंट प्रशिक्षण

नारायण हेल्थ इस कार्यक्रम के लिए चुनी गई नर्सों को विशेष प्रशिक्षण भी देगा। उन्हें नियमित वेतन के अलावा मैनेजमेंट आधारित प्रोत्साहन (Incentives) दिया जाएगा। साथ ही उन्हें भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु के एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के दौरान नर्सों को नेतृत्व, वित्तीय प्रबंधन, अस्पताल संचालन, रणनीतिक योजना और संगठन प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थापकीय कौशल सिखाए जाएंगे, ताकि वे आधुनिक स्वास्थ्य संस्थानों का प्रभावी नेतृत्व कर सकें।

युवा नर्सों को मिलेगा नेतृत्व का अवसर

यह कार्यक्रम उन नर्सों के लिए खुला होगा, जिनके पास एक से दो वर्ष का पेशेवर अनुभव है। इससे यह स्पष्ट होता है कि चयन केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और आगे बढ़ने की इच्छा को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

डॉ. देवी शेट्टी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवा नर्सिंग पेशेवरों को मरीजों की देखभाल से आगे बढ़कर अस्पताल के शीर्ष प्रबंधन तक पहुंचने का अवसर देना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बदल सकती है नर्सों की भूमिका

दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। शोध बताते हैं कि नर्सें मरीजों के बेहतर उपचार, अस्पताल की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार लाने में अहम योगदान देती हैं।

ऐसे में क्लीनिकल अनुभव के साथ मैनेजमेंट शिक्षा को जोड़ने वाली यह पहल भारत में नर्सिंग पेशे के करियर विकल्पों को नई दिशा दे सकती है और स्वास्थ्य क्षेत्र में नेतृत्व की विविधता को भी बढ़ावा दे सकती है।

दूसरे अस्पतालों के लिए बन सकता है नया मॉडल

यदि यह पहल सफल होती है, तो भारत के अन्य अस्पताल भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर सकते हैं। इससे नर्सिंग पेशेवरों के लिए नए करियर अवसर खुलेंगे और यह साबित होगा कि अस्पतालों का प्रभावी नेतृत्व केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि वे नर्सें भी कर सकती हैं जो मरीजों की देखभाल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं।

 

 

 

 

Asmita Sarkar

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