
रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU), भोपाल हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 9 से 11 जुलाई 2026 तक “समकालीन हिंदी पत्रकारिता : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा। इस आयोजन का उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा, उसके बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा करना है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से पत्रकारिता, साहित्य और मीडिया शिक्षा से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, शिक्षाविद और वरिष्ठ पत्रकार भाग लेंगे। विभिन्न सत्रों में समकालीन हिंदी पत्रकारिता के बदलते परिदृश्य, उसकी चुनौतियों और नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
संगोष्ठी की शुरुआत 9 जुलाई को “स्वाभिमान के नाम” पुस्तक के लोकार्पण के साथ होगी। इसके बाद 10 जुलाई को मुख्य अकादमिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्य, हिंदी पत्रकारिता और विज्ञान पत्रकारिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
आयोजकों के अनुसार, संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में सुरेश पचौरी, प्रियव्रत, कृपाशंकर चौबे, नीलेश और देवेंद्र पांडेय सहित कई प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के अंतिम दिन 11 जुलाई को साहित्य, कला और बौद्धिक विमर्श में पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हिंदी पत्रकारिता से जुड़े समकालीन मुद्दों और बदलते मीडिया परिदृश्य पर भी विशेषज्ञों के बीच चर्चा होगी।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की उपलब्धियों, उसके विकास और भविष्य की दिशा पर सार्थक संवाद का मंच बनेगी। साथ ही यह कार्यक्रम पत्रकारिता के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और मीडिया क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगा।




Add comment