
NEET UG 2027 CBT Exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में वर्ष 2027 से बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। तैयारी चल रही है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) को पारंपरिक पेन-पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer Based Test – CBT) के रूप में आयोजित किया जाए। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा अब एक ही दिन की बजाय कम से कम छह दिनों तक अलग-अलग शिफ्ट में कराई जा सकती है। इसके लिए देशभर में 1,000 से अधिक परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे।
हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है। परीक्षा के प्रारूप और संचालन से जुड़ी विस्तृत योजना पर काम जारी है।
क्यों बदला जा रहा है NEET UG का परीक्षा पैटर्न?
NEET UG हर साल लगभग 25 लाख अभ्यर्थियों द्वारा दी जाने वाली भारत की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षा है। वर्ष 2024 में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की मांग तेज हुई थी।
इसी के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों पर तेजी से काम शुरू किया। अब प्रस्ताव है कि NEET UG को भी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main की तरह कंप्यूटर आधारित और कई दिनों में अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित किया जाए। इससे परीक्षा प्रबंधन आसान होगा और सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक मजबूत की जा सकेगी।
1,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों की होगी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए देशभर में 1,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों का चयन किया जाएगा। इन केंद्रों को अंतिम रूप देने से पहले उनकी तकनीकी क्षमता, इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली बैकअप, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी केंद्र समान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरें, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या से बचा जा सके।
मेडिकल की किन-किन पढ़ाई के लिए जरूरी है NEET UG?
NEET UG के माध्यम से देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) में प्रवेश दिया जाता है। वर्तमान में देश में MBBS की लगभग 1.08 लाख सीटें उपलब्ध हैं। इनमें करीब 56,000 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में और लगभग 52,000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं।
इसके अलावा NEET UG के अंकों के आधार पर BDS (डेंटल), आयुर्वेद (BAMS), यूनानी (BUMS), सिद्ध (BSMS) और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में भी दाखिला मिलता है।
कई वर्षों से चल रही थी ऑनलाइन परीक्षा की चर्चा
NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने का प्रस्ताव नया नहीं है। शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच पिछले कई वर्षों से इस विषय पर चर्चा होती रही है कि परीक्षा को पेन-पेपर मोड में जारी रखा जाए या ऑनलाइन कराया जाए।
वर्ष 2024 में परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद इस दिशा में काम तेज हुआ। जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के सुझाव देने के लिए इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए कई सुझाव दिए, जिनमें तकनीक आधारित परीक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
चूंकि NEET UG 2027 की अंतिम परीक्षा योजना अभी जारी नहीं हुई है, इसलिए अभ्यर्थियों को NTA की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। यदि कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू होती है, तो छात्रों को समय रहते ऑनलाइन टेस्ट इंटरफेस, कंप्यूटर आधारित मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन की तैयारी भी शुरू कर देनी चाहिए।
परीक्षा का उद्देश्य और सिलेबस बदलने की संभावना नहीं है, लेकिन परीक्षा का माध्यम बदलने से तैयारी की रणनीति में कुछ बदलाव जरूर देखने को मिल सकते हैं।




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