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AISHE Report 2023-24: New record in higher education; enrollment crosses 4.5 crore, with female participation surpassing that of males

AISHE Report 2023-24: उच्च शिक्षा में नया रिकॉर्ड, नामांकन 4.5 करोड़ के पार, लड़कियों की भागीदारी लड़कों से आगे

AISHE Report 2023-24: New record in higher education; enrollment crosses 4.5 crore, with female participation surpassing that of males

AISHE Report 2023-24: शिक्षा मंत्रालय ने अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (All India Survey on Higher Education – AISHE) की 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण रुझान सामने आए हैं। पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा में छात्रों के नामांकन, छात्राओं की भागीदारी, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों में भी छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में देश में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन बढ़कर 4.50 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2014-15 के मुकाबले 31.5 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत देता है कि देश में उच्च शिक्षा तक पहुंच लगातार मजबूत हो रही है।

क्या है AISHE और क्यों है यह महत्वपूर्ण?

AISHE भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा कराया जाने वाला राष्ट्रीय सर्वेक्षण है, जिसके माध्यम से देश के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों से शिक्षा संबंधी आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। संस्थान ऑनलाइन पोर्टल के जरिए छात्र नामांकन, शिक्षकों की संख्या, परीक्षा परिणाम, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जानकारी साझा करते हैं।

इन आंकड़ों का उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति, नई योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाता है।

90 प्रतिशत से अधिक संस्थानों ने लिया हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों शैक्षणिक वर्षों में सर्वेक्षण में संस्थानों की भागीदारी 90 प्रतिशत से अधिक रही।

वर्ष 2022-23 में देश के 60,380 पंजीकृत संस्थानों में से 56,180 ने सर्वे में भाग लिया। वहीं 2023-24 में 64,756 पंजीकृत संस्थानों में से 59,533 संस्थानों ने अपनी जानकारी उपलब्ध कराई।

10 साल में 4.50 करोड़ पहुंचा नामांकन

AISHE रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 3.42 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 4.50 करोड़ हो गया। यानी एक दशक में लगभग 31.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

यह बढ़ोतरी बताती है कि उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है और अधिक युवा विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की ओर रुख कर रहे हैं।

छात्राओं ने बनाया नया रिकॉर्ड

रिपोर्ट में महिला शिक्षा से जुड़ी तस्वीर भी उत्साहजनक है। वर्ष 2023-24 में छात्राओं का कुल नामांकन 2.24 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि 2014-15 में यह 1.58 करोड़ था। यानी पिछले दस वर्षों में छात्राओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह लगातार बढ़ती भागीदारी देश में महिला शिक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता और अवसरों के विस्तार को दर्शाती है।

SC, ST और OBC छात्रों की भागीदारी में भी बड़ी बढ़ोतरी

AISHE रिपोर्ट के अनुसार सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

वर्ष 2023-24 में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के 69.72 लाख छात्र उच्च शिक्षा में नामांकित रहे, जो 2014-15 की तुलना में 51.4 प्रतिशत अधिक है।

इसी तरह अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों का नामांकन बढ़कर 28.83 लाख पहुंच गया है। इस वर्ग में पिछले दस वर्षों के दौरान 75.7 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की संख्या बढ़कर 1.80 करोड़ हो गई, जो वर्ष 2014-15 की तुलना में 60.2 प्रतिशत अधिक है।

सकल नामांकन अनुपात (GER) भी बढ़ा

18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी को मापने वाला सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio – GER) भी लगातार बेहतर हुआ है।

वर्ष 2014-15 में GER 23.7 था, जबकि 2023-24 में यह बढ़कर 30.0 हो गया। इसका अर्थ है कि उच्च शिक्षा तक युवाओं की पहुंच पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

महिलाओं का GER भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। 2023-24 में महिला GER 31.2 दर्ज किया गया, जो कुल राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।

उच्च शिक्षा में लड़कियां अब लड़कों से आगे

रिपोर्ट में Gender Parity Index (GPI) भी सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। 2023-24 में GPI 1.08 दर्ज किया गया है और पिछले सात वर्षों से यह लगातार 1.0 से ऊपर बना हुआ है।

GPI का 1.0 से अधिक होना इस बात का संकेत है कि उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी अब छात्रों की तुलना में अधिक हो गई है।

STEM शिक्षा में भी बढ़ा रुझान

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों में भी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 में STEM पाठ्यक्रमों में 1.02 करोड़ छात्र नामांकित थे, जबकि 2014-15 में यह संख्या 91.5 लाख थी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि STEM विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में यह 44 प्रतिशत रही, जबकि 2014-15 में यह 38.4 प्रतिशत थी।

शिक्षकों की संख्या में भी हुआ इजाफा

AISHE रिपोर्ट के मुताबिक, 2023-24 में देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 17.32 लाख शिक्षक और फैकल्टी सदस्य कार्यरत रहे।

महिला शिक्षकों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। 2014-15 में जहां 5.69 लाख महिला शिक्षक थीं, वहीं 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 7.78 लाख हो गई।

शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि AISHE भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा और आधिकारिक डाटाबेस है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के आंकड़े संबंधित संस्थानों द्वारा स्वयं उपलब्ध कराए जाते हैं। डेटा जमा करना स्वैच्छिक प्रक्रिया है, लेकिन आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर उनका सत्यापन किया जाता है।

रिपोर्ट से साफ है कि पिछले एक दशक में भारत में उच्च शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ा है। नामांकन में वृद्धि, छात्राओं की बढ़ती भागीदारी, सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की बेहतर पहुंच और STEM शिक्षा में बढ़ती रुचि यह संकेत देती है कि देश का उच्च शिक्षा क्षेत्र धीरे-धीरे अधिक समावेशी और मजबूत बन रहा है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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