
आंध्र प्रदेश सरकार ने सरकारी हॉस्टलों और गुरुकुलों में रहने वाले छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने छात्रों के भोजन पर होने वाले डाइट चार्ज (Diet Charges) में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। यह बढ़ी हुई दरें वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही से लागू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद छात्रों की सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सचिवालय में सामाजिक कल्याण, जनजातीय कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्र कल्याण से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए।
BC, SC, ST और अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ा वर्ग (BC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों को भी निजी शिक्षण संस्थानों के छात्रों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी सोच के तहत सरकार हॉस्टलों और गुरुकुलों में भोजन, आवास और शिक्षा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगी।
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दूसरी तिमाही से संशोधित डाइट चार्ज लागू करने के निर्देश दिए। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब वित्त विभाग ने वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया था।
गुरुकुलों का होगा विस्तार, आधुनिक सुविधाओं पर जोर
बैठक में राज्य में गुरुकुल संस्थानों का दायरा बढ़ाने पर भी सहमति बनी। भविष्य में नए छात्रावासों के निर्माण के बजाय अधिक गुरुकुल स्थापित करने की योजना पर काम किया जाएगा। सरकार आवासीय स्कूलों में नेट-जीरो (Net Zero) मॉडल अपनाने की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी, ताकि परिसर पर्यावरण के अनुकूल बन सकें।
मुख्यमंत्री ने गुरुकुल परिसरों को आधुनिक सुविधाओं और हरित वातावरण से लैस करने का सुझाव दिया। इसके लिए हॉस्टलों और आवासीय विद्यालयों के रखरखाव पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग भवनों के रखरखाव, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
मेधावी छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सेंटर
सरकार ने SC, ST, BC और अल्पसंख्यक वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सेंटर शुरू करने की भी घोषणा की है। इन केंद्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा प्रवेश और अन्य करियर अवसरों की तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
इसके अलावा सरकार प्रवासी भारतीयों (NRI) को कल्याणकारी हॉस्टलों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी। हॉस्टलों, गुरुकुलों और आश्रम स्कूलों के पूर्व छात्रों का नेटवर्क भी मजबूत किया जाएगा, ताकि वे शिक्षा और कौशल विकास में योगदान दे सकें।
हॉस्टलों में शुरू हुई स्मार्ट कार्ड फोन सुविधा
सरकार ने छात्रों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हॉस्टलों में स्मार्ट कार्ड आधारित टेलीफोन सुविधा भी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत छात्र प्रतिदिन चार मिनट तक अपने माता-पिता या परिवार के सदस्यों से बात कर सकते हैं। इसका उद्देश्य घर से दूर रहने वाले छात्रों को भावनात्मक सहयोग देना और उनकी मानसिक भलाई सुनिश्चित करना है।
बुनियादी सुविधाओं पर भी हो रहा निवेश
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि SASKI कार्यक्रम के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सामाजिक कल्याण और जनजातीय कल्याण विद्यालयों में आरओ (RO) प्लांट स्थापित करना, शौचालयों का निर्माण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने VB-G Ram G योजना के तहत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छात्रों की शिक्षा, कौशल विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
डाइट चार्ज क्या होता है?
डाइट चार्ज वह राशि होती है, जो किसी हॉस्टल, आवासीय विद्यालय, खेल छात्रावास, अस्पताल या अन्य संस्थान में भोजन और पोषण संबंधी सुविधाओं के लिए निर्धारित की जाती है। सरकार द्वारा इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो सरकारी हॉस्टलों और गुरुकुलों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।




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