
बिहार (Bihar) में शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव केके पाठक (KK Pathak) के निशाने पर हैं अब निजी स्कूल (Private Schools)। वे अब इनपर नकेल कस रहे हैं। उन्होंने फरमान सुनाया है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले निजी स्कूलों की ओर से निर्गत टीसी अब अवैध मानी जायेगी, साथ ही ऐसा करनेवाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बिहार की शिक्षा को पटरी पर लाने में जुटे शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव केके पाठक ने अब निजी स्कूलों पर नज़रें तिरछी कर दी हैं। उनके एक फरमान से निजी स्कूल सकते में है। इसके तहत बिहार के सभी निजी स्कूलों को ई-शिक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य बताया गया है और कहा गया है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले निजी स्कूलों अगर रजिस्ट्रेशन के बिना टीसी निर्गत करते हैं, तो वह अब मान्य नहीं होगी। साथ ही निर्गत करनेवाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस फरमान को केके पाठक द्वारा गैर निबंधित निजी स्कूलों पर नकेल कसने के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग द्वारा इस बात पर नाराजगी जतायी है कि पूर्व में भी यह निर्देश दिया गया था कि सभी स्कूलों का ज्ञानदीप पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य है, पर इसके नतीजे बेहतर नहीं देखे गए हैं। अभी भी बड़ी तादाद में निजी स्कूलों ने यह काम नहीं किया है।
यही वजह है कि अब शिक्षा विभाग के ई-पोर्टल पर बिना रजिस्ट्रेशन वाले स्कूलों की टीसी अमान्य घोषित कर दी गयी है और कहा गया है कि सभी निजी स्कूल तत्काल ई-शिक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं। बिना पंजीकरण अगर कोई निजी स्कूल टीसी जारी करता है, तो उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। निजी स्कूलों पर नकेल कसने के ही कदमस्वरुप अब शिक्षा विभाग राज्य के सभी निजी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की भी जांच करेगा। विभाग के पदाधिकारी यह देखेंगे कि निजी स्कूलों में पेयजल, शौचालय, पर्याप्त वर्गकक्ष, खेल मैदान, पुस्तकालय, चहारदीवारी है या नहीं? शिक्षक कितने हैं? किसी बोर्ड से स्कूल को संबद्धता है या नहीं? सभी शिक्षक प्रशिक्षित हैं या नहीं?
प्राथमिक शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्र ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निजी स्कूलों की जांच कराने का निर्देश दिया है। निदेशक ने इस संबंध में सभी डीईओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। स्कूलों की जांच में यह भी देखा जाएगा कि राज्य सरकार से प्रस्वीकृति प्राप्त है या नहीं। कक्षा एक से आठ तक में गरीब बच्चों का 25 सीटों पर स्कूलों को नामांकन लेना है, उसकी क्या स्थिति है? जिलों को भेजे गये पत्र में यह भी कहा गया है कि राज्य के 10,702 स्कूलों के द्वारा अब-तक प्रस्वीकृति ली गयी है। इनमें मात्र 5851 स्कूलों ने ही ज्ञानदीप पोर्टल पर निबंधन कराया है। जिलों को निर्देश दिया गया है कि सभी स्कूलों का ज्ञानदीप पोर्टल पर निबंधन सुनिश्चित कराएं।




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