Edinbox Hindi
Karnataka Boosts Crime Investigation with 32 Mobile Forensic Labs and 75 New Police Patrol Vehicles 

कर्नाटक में अपराध जांच को मिलेगी नई रफ्तार, 32 मोबाइल फोरेंसिक लैब हुए लॉन्च

Karnataka Boosts Crime Investigation with 32 Mobile Forensic Labs and 75 New Police Patrol Vehicles 

बेंगलुरु: कर्नाटक में अपराध जांच व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु स्थित विधान सौधा से 32 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और 75 नई पुलिस पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ये मोबाइल फोरेंसिक लैब पहियों पर चलने वाली मिनी प्रयोगशालाओं की तरह काम करेंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (SOCO) घटनास्थल पर तेजी से पहुंच सकें। इससे जांच में होने वाली देरी कम होगी और अहम सबूतों के नष्ट होने या दूषित होने की संभावना भी घटेगी।

गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि आधुनिक न्याय व्यवस्था में वैज्ञानिक साक्ष्यों का सबसे अधिक महत्व है। उन्होंने कहा, “फोरेंसिक साइंस लैब की क्षमता को मजबूत करने से दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी और निर्दोष लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। ये मोबाइल लैब फोरेंसिक जांच की सुविधा सीधे घटनास्थल तक पहुंचाएंगी, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित रखा जा सकेगा और उनकी शुरुआती जांच मौके पर ही की जा सकेगी।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये मोबाइल लैब पारंपरिक अपराधों से लेकर जटिल साइबर अपराधों तक की जांच में सक्षम हैं। इनमें कई विशेष परीक्षण किट उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच और विश्लेषण किया जा सकता है।

इन वाहनों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया गया है। इनमें बिजली बैकअप के लिए इनबिल्ट जनरेटर, जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटर और घटनास्थल को सुरक्षित घेरने के लिए आवश्यक सभी उपकरण उपलब्ध हैं।

राज्य के विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों में इन 32 मोबाइल फोरेंसिक लैब की तैनाती से लंबित फोरेंसिक मामलों का बोझ काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही बेंगलुरु, मैसूरु, मंगलुरु, बेलगावी और कलबुर्गी स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब को भी आधुनिक उपकरणों और अतिरिक्त विशेषज्ञ मानव संसाधनों से सशक्त किया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन मोबाइल लैब के साथ सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स (SOCO) की तैनाती से घटनास्थल का बेहतर दस्तावेजीकरण, साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रह, सही तरीके से संरक्षण और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जा सकेगी।

सटीक और वैज्ञानिक जांच के लिए आधुनिक सुविधाएं

मोबाइल फोरेंसिक लैब में अपराध जांच के लिए कई अत्याधुनिक उपकरण और विशेष किट उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें डीएनए साक्ष्य एकत्र करने, खून और वीर्य की पहचान, विस्फोटकों, मादक पदार्थों, आगजनी और गैस रिसाव की जांच के लिए विशेष किट शामिल हैं।

इसके अलावा फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट की उन्नत जांच, फोरेंसिक लाइट सोर्स, माइक्रोस्कोप और गोली के निशानों के विश्लेषण के लिए विशेष उपकरण भी लगाए गए हैं।

साइबर अपराधों की जांच को मजबूत करने के लिए इन मोबाइल लैब में विशेष साइबर फोरेंसिक किट, लैपटॉप और फील्ड प्रिंटर भी उपलब्ध हैं। इनकी मदद से डिजिटल उपकरणों से डेटा निकालने, उसे सुरक्षित रखने और घटनास्थल पर ही प्रारंभिक डिजिटल जांच की जा सकेगी।

 

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed